जंतर-मंतर में आमरण अनशन कर रही आइसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा व अन्य छात्रों से मुलाकात कर रोजगार अधिकार अभियान ने जताई एकजुटता

जंतर-मंतर में आमरण अनशन कर रही आइसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा व अन्य छात्रों से मुलाकात कर रोजगार अधिकार अभियान ने जताई एकजुटता

सोनम बांगचुक को बलात अनशन से उठाना और हिरासत में रखना लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह

नई दिल्ली, 18/7/2025।
रोजगार अधिकार अभियान टीम ने जंतर मंतर जाकर 21 दिनों से जारी आमरण अनशन से एकजुटता व्यक्त की। टीम ने आइसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, मनीष व आमीन से और काकरोच जनता पार्टी के लोगों से मुलाकात कर आंदोलन का समर्थन किया। रोजगार अधिकार अभियान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 21 दिनों से आमरण अनशन कर रही नेहा, मनीष व आमीन के स्वास्थ्य की स्थिति बेहद नाजुक है, लेकिन मोदी सरकार को इन छात्रों के जिंदगी की कतई परवाह नहीं है। उलटे आज तड़के सुबह आमरण-अनशन कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती किया गया। संवेदनहीन केंद्र सरकार द्वारा दमन की इन कार्रवाइयों से आंदोलन खत्म नहीं होगा। बल्कि नीट पेपर लीक व सीबीएसई ओएसएम धांधली मामले में जवाबदेह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य व पेंशन जैसे संवैधानिक अधिकारों को हासिल करने और कारपोरेट घरानों पर टैक्स लगाने, कारपोरेट पूंजी पर नियंत्रण व नियमन, रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती जैसे सवालों को लेकर आंदोलन में तेजी आएगी। सरकार द्वारा लोकतांत्रिक आवाजों को दबाना और शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमन लोकतंत्र के लिए बेहद नुकसानदेह है। रोजगार अधिकार अभियान ने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च का समर्थन किया। इस मौके पर रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोआर्डिनेटर राजेश सचान, अभिषेक, राहुल आदि मौजूद रहे।

रोजगार अधिकार अभियान राष्ट्रीय संचालन समिति की ओर से जारी

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