श्रीराम जन्मोत्सव पर जयघोष से गूंजा मेड़़र माता मंदिर परिसर, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु।

श्रीराम जन्मोत्सव पर जयघोष से गूंजा मेड़़र माता मंदिर परिसर, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु।

सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का किया भावपूर्ण वर्णन, पूरे सोनभद्र से पहुंचे श्रद्धालु व गणमान्यजन।

संवाददाता सद्दाम कुरेशी

चोपन/सोनभद्र – मेड़र माता मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं रोचक वर्णन किया। जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।

कथा व्यास महाराज ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अनैतिकता, अधर्म, भ्रष्टाचार, चरित्रहीनता और अहंकार का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब प्रभु मानव रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना और भक्तों के कल्याण के लिए प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के पालनकर्ता एवं मर्यादा, सत्य और आदर्श जीवन के सर्वोच्च प्रतीक हैं।
उन्होंने बताया कि रामकथा मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ उसके जीवन में आदर्श, मर्यादा, त्याग, करुणा और सदाचार जैसे गुणों का संचार करती है। श्रीराम जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालु भजनों और जयघोष के बीच भावविभोर होकर प्रभु की भक्ति में लीन रहे।
कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। इस अवसर पर चोपन सहित पूरे जनपद सोनभद्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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