रेनू सागर: आज छठ महापर्व का हुआ समापन

सोनभद्र। रेनू सागर शिव मंदिर नहाय खाय से शुरू हुए आस्था के महापर्व छठ पूजा का आज शुक्रवार को चौथे दिन उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया।इसके पूर्व गुरुवार को सांध्य अर्घ्य देने के बाद छठ व्रतधारी महिलाएं रातभर घाट के किनारे वेदी बनाकर बैठी रही। वही रात भर जागरण चला झांकी निकाली गई जिसमें शंकर जी,काली मां बजरंगबली,राधे कृष्ण का रूप दिखाया गया छठ घाट पर मौजूद लोगों ने जागरण में खूब झूमते रहे वहीं गंगा आरती का आयोजन किया गया छठ घाट की सुंदरता अद्भुत तरीके से सजाई गई वही सूर्य भगवान के मंदिर जगमगाते रहें तो कहीं महिलाओं ने रातभर छठ मईया का गीत गाते रही।

वहीं शुक्रवार को चार बजे भोर से महिलाएं भगवान भास्कर के उदयाचल स्वरूप को अर्घ्य देने के स्नान ध्यान में जुट गई हैं और पुरे विधि -विधान से करीब 6:45बजे अर्घ्य देना शुरू हुआ जो घंटो चलता रहा। कमेटी के सदस्य छठ पूजा कार्यक्रम को देखते हुए छठ घाटों का जायजा लेते रहे तो वहीं उनकी प्रशासनिक टीम भी जगह -जगह छठ घाटों पर मौजूद रहे और कार्यक्रमों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया छठ पूजा का कार्यक्रम घाटों पर शुक्रवार को अर्घ्य देकर छठ पूजा का समापन किया गया।चौथा दिन यानी सप्तमी तिथि छठ महापर्व का अंतिम दिन होता है।इस दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इसी के साथ छठ महापर्व का समापन हो जाता है।छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इसके बाद दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन को ऊषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। रेनू सागर शिव मंदिर, कहुआ नाला,ककरी सहित आसपास के क्षेत्रों में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।महिलाओं द्वारा छठ का व्रत संतान की लंबी उम्र और उनके खुशहाल जीवन के लिए यह व्रत रखा जाता है।
