कब है अप्रैल का आखिरी प्रदोष व्रत?

वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस दिन व्रत रखने व पूजा-पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है.प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन उनके साथ ही यदि माता पार्वती का भी पूजन किया जाए तो दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है. बता दें कि प्रत्येक माह दो प्रदोष व्रत आते हैं, जिसमें एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में. आइए जानते हैं अप्रैल का अंतिम प्रदोष व्रत कब है?

अप्रैल का आखिरी प्रदोष व्रत कब है?

वैदिग पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 20 अप्रैल को रात 10 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन 21 अप्रैल को रात 12 बजकर 39 मिनट पर होगा. प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय की जाती है, इसलिए अप्रैल माह का आखिरी प्रदोष 21 अप्रैल को रखा जाएगा और इस दिन रविवार पड़ रहा है. ऐसे में इसे रवि प्रदोष व्रत नाम दिया गया है.

रवि प्रदोष व्रत 2024 शुभ मुहूर्त

रवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की अराधना की जाती है और यह अराधना प्रदोष काल में यानि शाम के समय की जाती है. पंचांग के अनुसार 21 अप्रैल को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 51 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 2 मिनट तक रहेगा.

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