ईरान ने दिया भारत को ‘स्पेशल’ रास्ता

तेहरान: पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों के बीच भारत ने समंदर में अपनी ताकत झोंक दी है। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय नौसेना ने मोर्चा संभाल लिया है। खबर है कि फारस की खाड़ी के पास भारतीय नौसेना के कई शक्तिशाली युद्धपोत तैनात कर दिए गए हैं।
इनका मकसद भारत आने वाले कमर्शियल जहाजों और टैंकरों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है, ताकि देश में ईंधन और LPG की सप्लाई में रत्ती भर भी कमी न आए।
ईरान ने दिया भारत को ‘स्पेशल’ रास्ता
न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नाविकों की जान को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। इस बीच ईरान ने भारत के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए एक राहत भरा संदेश दिया है। ईरानी अधिकारियों ने भारतीय झंडे वाले दो बड़े LPG जहाजों को ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से गुजरने की विशेष अनुमति दे दी है। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिका-ईरान तनाव के कारण इस रास्ते पर जहाजों के डूबने या जब्त होने का खतरा मंडरा रहा है।
21 मार्च तक भारत पहुँचेगा ‘शिवालिक’
जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली साइट्स के अनुसार, भारत आ रहे जहाजों में से एक का नाम शिवालिक है। इसे आखिरी बार ओमान की खाड़ी में देखा गया था और उम्मीद है कि 21 मार्च तक यह सुरक्षित भारतीय तट पर पहुँच जाएगा। होर्मुज का यह रास्ता दुनिया के लिए इसलिए अहम है क्योंकि वैश्विक तेल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है। यहाँ एक छोटी सी रुकावट भी पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान पर पहुँचा सकती है।
संकट के बीच 700 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षा
केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। आंकड़ों के मुताबिक:
- फारस की खाड़ी: यहाँ फिलहाल 24 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं।
- होर्मुज के पूर्वी हिस्से: यहाँ 3 जहाजों पर 76 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
कुल मिलाकर 700 से ज्यादा भारतीय समुद्री योद्धा इस समय सबसे संवेदनशील जोन में काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
“भारत के लिए रास्ते हमेशा खुले हैं”
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया के हालात चाहे जितने भी खराब हों, भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित रास्ता मिलता रहेगा। उन्होंने भारत-ईरान की पुरानी दोस्ती का हवाला देते हुए भरोसा दिलाया कि भारतीय हितों को नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी भी दी है कि यह रास्ता पूरी दुनिया के लिए खुला है, सिवाय अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के।
