अमेरिका सरकार द्वारा एचआईवी वीजा पर शुल्क बढ़ाने से संकट।
अमेरिका सरकार द्वारा एचआईवी वीजा पर शुल्क बढ़ाने से संकट।

डॉ एम ठाकुर सह संपादक
अमेरिकी सरकार द्वारा विदेशी इंजीनियर ,डॉक्टर ,प्रोफेसर जो की h1 बी वीजा पर जाकर अमेरिका में रोजगार पाए थे वे लोग जो की पहले से वही नौकरी कर रहे हैं उन्हें वहां अनुमति मिल जाएगी ,लेकिन जो लोग अमेरिका में जाकर रोजगार चाहते हैं उन्हें h1b वीजा लेने के लिए$100000 यानी 88 लाख रुपया देना पड़ेगा जो कि पहले जाने के लिए मात्र दो लाख रुपया लगता था इस स्थिति में अपने देश में इंजीनियरों डॉक्टर प्रोफ़ेसर हो या शोधकर्ताओं से आग्रह है कि अपने देश में रहकर शोध करें या नौकरी ढूंढ ले या दुनिया के कुछ देश हैं जिनका वीजा निशुल्क के बराबर है जैसे ब्रिटेन , चीन तो ऐसे डॉक्टर इंजीनियर हूं प्रोफेसर या शोधकर्ता को ऐसे देश के ओर अग्रसर होना चाहिए जहां बीज शुल्क निशुल्क या बहुत कम हो जैसे कि ब्रिटेन चीन इस तरह के देश ।हमारे भारत सरकार इन लोगों को सही ढंग से माहौल तथा विकल्प उपलब्ध कराई, जिससे कि अपने देश में इनको रोजगार मिल जाए तथा अपने ही देश में अच्छी चीजों का आविष्कार हो सके अमेरिका में आईटी सेक्टर के इंजीनियर लगभग 30 परसेंट है ,लेकिन वर्तमान के इंजीनियर अपने देश में ही सर्च इंजन गूगल या क्रोम ब्राउज़र जैसे मशीन को बनाते जिससे हम भारतीय दूसरे देश के सर्च इंजन या ब्राउज़र पर निर्भर न होते अपने देश के ही सर्च इंजन पर काम करते तथा अपने देश का हीं नाम होता।
