दूध बेचकर पाला था बेटी को IAS बनाने का था सपना ,श्रेया यादव की मौत से घर वालों के ऊपर टूटा दुख का पहाड़

शनिवार रात को दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में एक हादसा हुआ। बेसमेंट में पानी भर जाने की वजह से तीन छात्रों की डूबकर मौत हो गई। इनमें दो लड़कियों और एक लड़के का शव बरामद हुआ है। ये सभी यूपीएससी की तैयारी करने के लिए आए थे।इन तीन स्टूडेंट्स की मौत से घरवालों पर ना सिर्फ दुख का पहाड़ टूटा बल्कि उनके सपने भी ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। बच्चों को आईएएस बनाने का ख्वाब पाले बैठे परिजनों के पास अब रोने के सिवा कुछ नहीं बचा है। इनमें तीन स्टूडेंट में से एक श्रेया यादव के पिता भी अपनी बेटी को आईएएस बनाना चाहते थे। अब श्रेया की पूरी कहानी सामने आई है।

दूध बेचकर पाला था बेटी को IAS बनाने का सपना
शनिवार की काली शाम 30-35 स्टूडेंट्स के ऊपर आफत बनकर आई थी। बाकी छात्र तो बच गए लेकिन तीन स्टेडेंट काल के गाल में समा गए। इनमें से एक नाम श्रेया यादव का भी था। श्रेया यादव उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले की रहने वाली थी। श्रेया के पिता दूध बेचते हैं और इसी के सहारे उन्होंने अपनी दुलारी बेटी को आईएएस बनाने का ख्वाब देखा था, जो शनिवार की शाम को श्रेया की मौत के साथ ही चकनाचूर हो गया। श्रेया यादव के घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी, इसके बावजूद घरवालों ने पढ़ने के लिए दिल्ली भेजा था। लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था। जिस बेटी के आईएएस बनकर घर वापस आने का ख्वाब घरवाले पालकर बैठे आज उस बेटी की लाश घर आई है।

कमाई का एक बड़ा हिस्सा श्रेया को देते थे
श्रेया के पिता की दूध बेचकर जो भी कमाई होती थी, उसका एक बड़ा हिस्सा श्रेया को भेज दिया जाता था। इससे श्रेया की ट्यूशन और बाकी के खर्चे पूरे होते थे। घरवालों को एक उम्मीद थी कि एक दिन उनकी बेटी आईएएस बन जाएगी और ये सभी संघर्ष और त्याग का फल मिल जाएगा। लेकिन ऐसा होने से पहले ही श्रेया ने इस दुनिया से विदा ले लिया। अब घरवालों का रोकर बुरा हाल है।

Above Reporter Photo
[embedyt] https://www.youtube.com/embed?listType=playlist&list=UCYzEYpxh613jPw3luW3xiQA&layout=gallery[/embedyt]