चीनी की कीमत अचानक बढ़ी तो सरकार ने लिया बड़ा फैसला

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ मिठाई कारोबारियों, चाय-नाश्ते की दुकानों और खाद्य उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दाम में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि उपलब्ध चीनी बाजार में ठीक तरीके से पहुंचे और कीमतों को नियंत्रण में लाया जा सके।
सरकार के मुताबिक 20 जुलाई 2026 को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त तक बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो हो गई। यानी करीब एक महीने में औसत कीमत में लगभग ₹7.52 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। सरकार अब इसे नियंत्रित करने के लिए आपूर्ति बढ़ाने, स्टॉक लिमिट लागू करने और शुल्क-मुक्त आयात जैसे उपाय कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार के इन कदमों के बाद आने वाले दिनों में चीनी के दाम कम होंगे? सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने की दिशा में कदम तो उठा दिए हैं, लेकिन खुदरा बाजार में इसका असर कितनी जल्दी और कितना दिखाई देगा, यह मांग, उपलब्धता और व्यापारियों के व्यवहार पर निर्भर करेगा।
प्रह्लाद जोशी ने दिया बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को हुबली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उपलब्ध स्टॉक को बाजार में उचित तरीके से जारी कराने के कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि चीनी उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर उपलब्ध हो और जमाखोरी या कृत्रिम रूप से कीमत बढ़ाने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मंत्री के मुताबिक देश में सालाना चीनी की जरूरत लगभग 280 लाख टन है, जबकि उपलब्ध स्टॉक करीब 306 लाख टन बताया गया है। इसका मतलब यह है कि सरकार के अनुसार देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी मौजूद है। ऐसे में कीमतों में अचानक हुई तेजी के पीछे सिर्फ कमी को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।
जोशी ने यह भी कहा कि कर्नाटक में चीनी का बड़ा स्टॉक उपलब्ध है और वह राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा चुके हैं।
सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की दी अनुमति
चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने पर कीमतों पर अतिरिक्त दबाव न आए।
त्योहारी सीजन में चीनी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। गणेश चतुर्थी, दशहरा, दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने से चीनी की खपत भी बढ़ती है। ऐसे में सरकार पहले से ही बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चाहती है।
