सार्क देशों में बच्चों का कैंसर के 70% मामले अकेले भारत में

हाल ही में’लैंसेट’ स्टडी में सामने आया है कि दक्षिण एशिया (SAARC देशों) में बच्चों के कुल मामलों में से लगभग 70% मामलेअकेले भारत में दर्ज होते हैं। भारत में कुल 38 करोड़ बच्चे हैं, जो SAARC क्षेत्रों में मौजूद बच्चों की संख्या का 69% है।सार्क देशों से सामने आए कुल 37,716 मामलों में 25,939 मामले भारत के थे। इस बीमारी से भारत में 12,028 मौतें भारत में दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में सही समय पर जांच न होने और कई मामलों के दर्ज न हो पाने के कारण असल आंकड़ा हर साल 50,000 से भी अधिक हो सकता है।
वयस्कों के मुकाबले अगर बच्चों में सही समय पर कैंसर का पता चल जाए तो उसका इलाज संभव है। हालांकि गांवों में और छोटे कस्बों में इलाज के लिए सुविधाएं बहुत ही कम हैं सही इलाज के लिए उन्हें शहरों की ओर जाना पड़ता है, जहां पर दवाइयों के खर्च में कर्जे के तले डूब जाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक प्रदूषण और हानिकारक रसायनों का प्रभाव बच्चों में बीमारी के गंभीर होने और मौतों का बड़ा कारण बन रहा है।
