आज है जितिया व्रत का नहाय-खाय , जानें व्रत के नियम

भारत में माताएं अपने बच्चों की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना से जितिया व्रत बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से करती हैं. यह पर्व मातृत्व, त्याग
मान्यता है कि नहाय-खाय और ओठगन मुहूर्त का सही पालन करने से यह व्रत अधिक फलदायी बनता है और मां की तपस्या से संतान की रक्षा, सुख और समृद्धि सुनिश्चित होती है.
नहाय-खाय मुहूर्त 2025
वर्ष 2025 में नहाय-खाय की तिथि आज 13 सितंबर को पड़ रही है. अष्टमी तिथि 14 सितंबर को सुबह 8:51 बजे से प्रारंभ होकर 15 सितंबर को सुबह 5:36 बजे तक रहेगी. इस दिन महिलाएं स्नान कर शुद्ध होकर पौष्टिक भोजन ग्रहण करती हैं और अगले दिन के व्रत की तैयारी पूरी करती हैं. मान्यता है कि नहाय-खाय से व्रत का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है.और संतान के प्रति गहरे प्रेम का प्रतीक माना जाता है.
नहाय-खाय और पूजा की परंपरा
जितिया व्रत से एक दिन पहले सप्तमी तिथि को ‘नहाय-खाय’ की परंपरा निभाई जाती है. इस दिन महिलाएं पवित्र नदियों या सरोवर में स्नान कर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं और संतान की मंगल कामना करती हैं.
14 सितंबर को ओठगन और व्रत आरंभ
इस साल 2025 में 14 सितंबर को सुबह 8:41 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी, उसके बाद अष्टमी का आरंभ होगा. चूंकि सप्तमी युक्त अष्टमी 14 सितंबर को ही है, इसलिए इसी दिन जितिया व्रत रखा जाएगा. सनातन परंपरा में उदयातिथि का विशेष महत्व है, इसलिए 14 सितंबर की सुबह सूर्योदय से पहले महिलाएं ओठगन कर लें यानी कुछ खा-पी लें. इसके बाद सूर्योदय से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक निर्जला व्रत का पालन किया जाएगा.
