97 किलो वजन के बाद खिलाड़ी को किया टीम इंडिया में शामिल

भारतीय क्रिकेट में फिटनेस को लेकर एक बार फिर सख्ती बढ़ने वाली है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की फिटनेस प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अब चयन के लिए सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि तय फिटनेस मानकों पर खरा उतरना भी जरूरी होगा।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार पिछले साल स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग विभाग में बदलाव के बाद बीसीसीआई ने यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को प्राथमिक फिटनेस टेस्ट बनाया था। हालांकि अब तक इसके लिए कोई तय मानक नहीं था। अब खिलाड़ियों को फिट माने जाने के लिए ब्रोंको टेस्ट 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड के बीच पूरा करना होगा। यही समय आगे टीम चयन में अहम भूमिका निभाएगा।

फिटनेस सिस्टम पर उठे सवाल

बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और भारतीय टीम के मेडिकल स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल की कमी देखने को मिली। इसी वजह से कई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अलग-अलग राय सामने आती रही। हाल के महीनों में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नितीश कुमार रेड्डी और अन्य खिलाड़ियों की चोटों ने भी इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया।सीनियर खिलाड़ियों को मिली थी राहत?

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