जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का गुरुवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. समारोह के बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से अपने-अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों का परिचय कराया.
इसके बाद हैदराबाद हाउस पहुंच कर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने मीडिया को संबोधित किया. ताकाइची तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर भारत आई हैं. इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन है, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की
भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए अपनी पहली यात्रा पर भारत आने पर प्रधानमंत्री तकाइची का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री और एक दूरदर्शी व लोकप्रिय नेता भी हैं. महामहिम और मेरी बहन, प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आपकी भारत की पहली यात्रा पर आपका स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. प्रधानमंत्री तकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी तथा लोकप्रिय नेता हैं. वह नारा प्रांत से आती हैं, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक प्रमुख केंद्र है.
जापानी पीएम सनाए तकाइची को पीएम मोदी ने बताया छोटी बहन
पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरी छोटी बहन, प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, दोनों प्रतिनिधिमंडलों के सम्मानित सदस्य, मीडिया के सदस्य, नमस्कार और कोन्निचिवा. भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए अपनी पहली यात्रा पर भारत आने पर प्रधानमंत्री तकाइची का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, साथ ही एक दूरदर्शी और व्यापक रूप से सम्मानित नेता भी हैं.’
भारत ने जापानी कंपनियों के साथ किए साइन
ऑटोमोटिव सेक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, जापान भारत की विकास यात्रा में एक प्रमुख भागीदार रहा है. वर्षों की दोस्ती और आपसी विश्वास के माध्यम से, हमने अपने संबंधों के लिए एक अमूल्य आधार तैयार किया है. आज, प्रधानमंत्री तकाइची की यात्रा हमारी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है. प्रधानमंत्री सनाए तकाइची और मेरा मानना है कि हमारी प्रौद्योगिकी साझेदारी हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी. इस विजन को साकार करने के लिए, आज हमने AI के क्षेत्र में एक संयुक्त बयान भी जारी किया है. भारतीय AI इकोसिस्टम के कई प्रमुख संस्थानों ने आज अपनी जापानी भागीदार कंपनियों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.
