हत्या के चिन्हित प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास सिंगरौली पुलिस की प्रभावी विवेचना से न्यायालय का सख्त निर्णय जिला सिंगरौली (म. प्र.)

राजू यादव क्राइम प्रधान संपादक। दिनांक – 21/04/2026 हत्या का अपराध करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।सिंगरौली पुलिस द्वारा चिन्हित गंभीर प्रकरण में की गई सघन एवं प्रभावी विवेचना के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए कठोर सजा सुनाई गई है। ‌‌ पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के पर्यवेक्षण में चिन्हित अपराध का प्रभावी अनुसंधान कर आरोपी को सजा दिलाई गई। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के पर्यवेक्षण तथा तत्कालिन एस.डी.ओ.पी. चितरंगी राहुल कुमार सैयाम के सुपरविजन में प्रकरण की प्रभावी जांच कर आरोपी को सजा दिलाई गई। घटना का विवरण – अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 15.03.2024 को सूचनाकर्ता हीरामती सिंह द्वारा थाना लांघाडोल में सूचना दी गई कि उनके पति द्वारा ग्राम से लगभग 2 किलोमीटर दूर किरका जंगल में मवेशियों के लिए झाला (टपरा) बनाया गया है, जहां परिवार के सदस्य बारी-बारी से मवेशियों की देखरेख करते हैं। घटना दिनांक को सूचनाकर्ता दोपहर बाद मवेशी चराने गई थी। शाम करीब 06:30 बजे जब वह मवेशियों को बांधने हेतु अपने झाला के पास पहुंची, तो उसने देखा कि एक अज्ञात महिला जमीन पर पड़ी हुई है। पास जाकर देखने पर उसके सिर एवं चेहरे पर चोट के निशान एवं खून लगा हुआ दिखाई दिया सूचनाकर्ता द्वारा तत्काल गांव के व्यक्ति रामकुमार बियार को बुलाकर घटना की जानकारी दी गई। दोनों ने टॉर्च की रोशनी में देखा तो महिला मृत अवस्था में पाई गई। इसके पश्चात पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ की गई। पुलिस की कार्यवाही – थाना लांघाडोल में अपराध क्रमांक 75/2024 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण का पर्यवेक्षण तत्कालिन एस.डी.ओ.पी. देवसर राहुल सैयाम द्वारा एवं प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक पुष्पेन्द्र धुर्वे द्वारा की गई, जिनके द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक एवं मौखिक साक्ष्य एकत्रित किए गए तथा प्रकरण को मजबूत आधार प्रदान किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी की पहचान सुनिश्चित कर उसे गिरफ्तार किया गया एवं उसके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।‌ अभीयोजन की पैरवी– माननीय न्यायालय में प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक / प्रभारी सहायक निदेशक अधिकारी संजीव सिंह द्वारा सशक्त एवं प्रभावशाली रूप से की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा दिलाई जा सकी। न्यायालय का निर्णय- माननीय न्यायालय अतुल कुमार खंडेलवाल, सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली (मुख्यालय बैढ़न) द्वारा प्रकरण के विचारण उपरांत दिनांक 21/04/2026 को आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। पुलिस की सराहनीय भूमिका– ‌ इस प्रकरण में सिंगरौली पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई, सटीक विवेचना, साक्ष्यों का प्रभावी संकलन एवं न्यायालय में मजबूत प्रस्तुतीकरण अत्यंत सराहनीय रहा।

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