दिल्ली एयरपोर्ट तकनीकी खराबी से जम्मू, श्रीनगर और लद्दाख में उड़ानों पर असर

दिल्ली एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते जम्मू, श्रीनगर और लद्दाख एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। शुक्रवार को श्रीनगर से जम्मू और जम्मू से श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट को रद्द करना पड़ा।
इसके अलावा दिल्ली से श्रीनगर और श्रीनगर से दिल्ली समेत अन्य शहरों को आने-जाने वाली 20 से ज्यादा फ्लाइट्स सामान्य समय से 15 मिनट से अधिक देर से उड़ीं या पहुंचीं।
सूत्रों के अनुसार, प्रभावित उड़ानों में प्रमुख रूप से शामिल थीं:
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लद्दाख से जम्मू
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दिल्ली से जम्मू
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जम्मू से दिल्ली
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जम्मू से इंदौर
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जम्मू से बेंगलुरू
इस तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को अचानक बदलाव और देरी का सामना करना पड़ा। एयरलाइनों ने यात्रियों को अपने फ्लाइट स्टेटस की जांच करने और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट आने की सलाह दी।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अधिकारियों ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल में इस्तेमाल होने वाला ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम ठप हो गया था। हालांकि, मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह साइबर अटैक नहीं था। तकनीकी खराबी के कारण उड़ानों के समय में समन्वय और मार्गदर्शन प्रभावित हुआ, जिससे देरी हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तकनीकी खराबियों का प्रभाव सिर्फ प्रभावित एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे हवाई मार्ग और उड़ान नेटवर्क पर असर पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एयरपोर्ट प्रबंधन को बैकअप सिस्टम और आपातकालीन प्रोटोकॉल को और सुदृढ़ करना चाहिए, ताकि भविष्य में इसी तरह की समस्याओं से बचा जा सके।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि अचानक उड़ानों में देरी और रद्द होने से यात्रा की योजना प्रभावित हुई। कई यात्रियों ने एयरलाइनों और एयरपोर्ट प्रशासन से समय पर जानकारी और बेहतर संचार की मांग की।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी को जल्दी ही सुधार लिया गया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सामान्य रूप से काम करने लगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित उड़ानों के लिए विकल्प और समन्वय सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि उड़ानों और एयरपोर्ट संचालन में तकनीकी प्रणालियों की निर्भरता कितनी अधिक है। छोटे या बड़े तकनीकी गड़बड़ी का असर संपूर्ण हवाई नेटवर्क पर महसूस किया जा सकता है।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एयरपोर्ट प्रबंधन भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नई तकनीकी समीक्षा और सुरक्षा उपाय करेगा। यात्रियों को सूचित किया गया है कि आने वाले दिनों में उड़ानों के संचालन में सुरक्षा और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
