छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबल के जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सोमवार को सुरक्षाबल के जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए दोनों नक्सली अपने-अपने संगठन के टॉप लीडर हैं। इनके सिर पर 40-40 लाख रुपये का इनाम छत्तीसगढ़ में घोषित था।
तेलंगाना और महाराष्ट्र में अलग से इनाम घोषित किया गया था। नक्सलियों की पहचान राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई है।
अधिकारियों उन्होंने कहा कि दोनों प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य थे। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि सोमवार सुबह महाराष्ट्र से सटे अबूझमाड़ के जंगल में मुठभेड़ शुरू हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल क्षेत्र में बड़े माओवादियों की गतिविधियों की सूचना के आधार पर तलाशी अभियान पर निकले थे। जिसके बाद नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
कई घंटों तक हुई फायरिंग
उन्होंने बताया कि कई घंटों तक जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। घटनास्थल से सर्चिंग के दौरान जवानों को दो पुरुष माओवादियों के शव बरामद हुए। मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान मौके से एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, एक बीजीएल लॉन्चर, भारी मात्रा में विस्फोटक, माओवादी साहित्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गईं।बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने इस कार्रवाई को माओवादियों के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक झटका बताया। पुलिस महानिरीक्षक ने अपील करते हुए कहा, “माओवादी गतिविधियां अब अपने अंत की ओर है। यह समय है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें और मुख्यधारा में लौटें। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत वे सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन शुरू कर सकते हैं।”
विपरीत परिस्थिति में खूब लड़े जवान
अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर मुठभेड़ हुई वह स्थान सुरक्षाबल के जवानों के अनुकूल नहीं था। हमें इनपुट मिला था कि यहां पर नक्सली मौजूद हैं। जिसके बाद वहां कि भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार पहले ही ग्राउंड प्लान तैयार किया गया उसके बाद जवानों को रवाना किया गया। इस मिशन में बस्तर डीआरजी के जवानों ने फ्रंट पर मोर्चा संभाला। इस बीच बस्तर फाइटर्स और अलग-अलग थानों के जवानों ने घेराबंदी की और आगे बढ़े। डीआरजी के जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरु कर दी। इसके बाद बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के जवानों ने कवर देते हुए नक्सलियों को अपने जाल में फंसाया। करीब 3 घंटे तक चली मुठभेड़ में जवानों ने नक्सलियों के दो टॉप लीडर को ढेर कर दिया।
