PM मोदी की पत्नी जशोदाबेन की सुरक्षा में SPG नहीं तो.…

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन है। देशभर में ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत उनके जन्मदिन को खास अंदाज में मनाया जा रहा है। एक तरफ जहां पूरा देश अपने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनके निजी जीवन से जुड़ी एक बात अक्सर लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बनी रहती है।
बात हो रही है प्रधानमंत्री की पत्नी जशोदाबेन (Jashodaben Modi) की सुरक्षा की। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि प्रधानमंत्री के सबसे करीबी होने के बावजूद उन्हें SPG (Special Protection Group) सुरक्षा नहीं मिली हुई है। तो फिर आखिर कौन सी है वो ‘खास टीम’ जो उनकी सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहती है? आइए जानते हैं…
SPG क्यों नहीं, और कौन करता है जशोदाबेन की सुरक्षा?
SPG एक्ट के तहत प्रधानमंत्री के अलावा उनके निकटतम परिवार के सदस्यों को भी यह सुरक्षा कवच दिया जा सकता है। लेकिन जशोदाबेन को यह सुरक्षा नहीं मिली है। पीएम मोदी के 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, गुजरात पुलिस ने उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभाला।
दरअसल, मेहसाणा पुलिस ने जशोदाबेन की सुरक्षा के लिए 10 सशस्त्र पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम लगाई है। ये जवान दो शिफ्ट में, पांच-पांच करके चौबीसों घंटे उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। यह सुरक्षा जशोदाबेन के भाई अशोक मोदी के साथ मेहसाणा जिले के ऊंझा कस्बे में उनके निवास पर मुहैया कराई गई है।
जब जशोदाबेन ने कहा था- ‘सुरक्षाकर्मियों से लगता है डर’
एक समय पर जशोदाबेन ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए थे। एक RTI के जवाब में उन्होंने कहा था कि उनके सुरक्षाकर्मी सरकारी गाड़ियों में चलते हैं, जबकि प्रधानमंत्री की पत्नी होने के बावजूद उन्हें सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही अंगरक्षकों ने की थी, और उन्हें अपने सुरक्षाकर्मियों से डर लगता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया था कि प्रत्येक सुरक्षाकर्मी को तैनाती का आदेश पत्र दिखाना अनिवार्य किया जाए।
क्या है मोदी और जशोदाबेन के रिश्ते की कहानी?
पीएम मोदी और जशोदाबेन की कहानी हमेशा से चर्चा का विषय रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी ने पहली बार अपने नामांकन पत्र में जशोदाबेन को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इससे पहले उन्होंने हमेशा खुद को अकेला घोषित किया था।
किसके साथ रहती हैं पीएम मोदी की पत्नी
दोनों का विवाह कम उम्र में एक अरेंज मैरिज के रूप में हुआ था, लेकिन शादी के तुरंत बाद ही वे अलग हो गए। जशोदाबेन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और एक स्कूल टीचर बनीं। वह 1978 से 1990 तक बनासकांठा जिले में पढ़ाती थीं। आज वह रिटायर हैं और अपने भाई के साथ रहती हैं
जशोदाबेन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अलग होने के बाद से उनका और मोदी का कोई संपर्क नहीं रहा है। हालांकि, वह कहती हैं कि उनके पति एक ‘महान इंसान’ हैं और उनका जीवन लोगों की सेवा को समर्पित है।
एक चाय बेचने वाले से देश के प्रधानमंत्री तक का सफर
नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। एक साधारण परिवार में जन्मे मोदी ने अपना शुरुआती जीवन रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते हुए बिताया। युवावस्था में ही उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं से प्रेरित होकर अपना जीवन समाज और राष्ट्र को समर्पित करने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनने तक का सफर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में शामिल होकर उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की शुरुआत की। 2001 में वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने और लगातार तीन बार इस पद पर रहे। 2014 में, उनकी अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP)ने प्रचंड बहुमत हासिल किया और वह भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने।
इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी पार्टी ने उनके नेतृत्व में शानदार जीत हासिल की, और वह लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। उनकी सरकार ने कई बड़े सुधार और जन कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिसने उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बना दिया है।
