आज नगर आयुक्त अक्षत वर्मा द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत सुयोग केंद्र का निरीक्षण किया गया

आज नगर आयुक्त अक्षत वर्मा द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत सुयोग केंद्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी उपस्थित मिले और उनसे कार्यों की जानकारी ली गई। एकल खिड़की प्रणाली के अंतर्गत उपस्थित हितग्राहियों से संवाद करते हुए नगर आयुक्त ने योजनाओं की सुलभता एवं प्रभावशीलता के विषय में जानकारी प्राप्त की।
यह योजना भारत के 25 पायलट शहरों, जिनमें उत्तर प्रदेश से लखनऊ, आगरा और वाराणसी शामिल हैं, में संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य 6 प्रमुख आजीविका क्षेत्रों—डोमेस्टिक वर्कर, निर्माण श्रमिक, गिग वर्कर, वेस्ट वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर और केयर वर्कर—से जुड़े शहरी गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
नगर आयुक्त द्वारा डूडा कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, बैंक अधिकारियों और समूह की महिलाओं व गिग वर्कर्स से वार्ता कर योजना की जमीनी वास्तविकताओं को समझा गया। रजिस्ट्रेशन करा रहे हितग्राहियों से योजना के लाभ प्राप्त करने में आ रही समस्याओं पर फीडबैक लिया गया।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं—जैसे प्रधानमंत्री जनधन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, आयुष्मान भारत, मातृवंदना योजना, श्रम योगी मानधन योजना, आदि से जोड़ा जा रहा है।
इस अवसर पर नगर आयुक्त द्वारा विभिन्न लाभार्थियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई, जिनमें—
• श्रीमती मीना शुक्ला को सिलाई कार्य हेतु ₹50,000
• श्री रामेश्वर प्रसाद को निर्माण कार्य हेतु ₹4 लाख
• श्री अरविंद कुमार को ग्रिल कार्य हेतु ₹1 लाख
• नेहा टिफिन एंड कैटरिंग ग्रुप के 4 सदस्यों को ₹2 लाख का समूह ऋण
• साथ ही श्रीमती बदामा देवी को आयुष्मान कार्ड भी मौके पर प्रदान किया गया।
यह वाराणसी नगर निगम द्वारा इस योजना के अंतर्गत प्रथम सामूहिक ऋण वितरण का ऐतिहासिक क्षण रहा। अब तक 1766 परिवारों के 2540 सदस्यों की प्रोफाइलिंग की जा चुकी है।
