भारत से गिनी तक रेल सहयोग की नई शुरुआत……

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 जून 2025 को बिहार के मरहौरा रेल कारखाने में निर्मित पहले स्वदेशी लोकोमोटिव इंजन को गिनी गणराज्य को निर्यात किए जाने के लिए हरी झंडी दिखाएंगे।यह अवसर भारत के लिए न केवल औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ‘मेक इन इंडिया’ पहल की वैश्विक साख को भी मजबूत करने वाला है। इस ऐतिहासिक जानकारी की पुष्टि रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बुधवार को की।गिनी के लौह अयस्क प्रोजेक्ट के लिए भारत बनेगा रणनीतिक साझेदार मरहौरा में निर्मित इन लोकोमोटिव इंजनों का उपयोग अफ्रीकी देश गिनी के सिमफेर क्षेत्र में स्थित सिमंडौ लौह अयस्क परियोजना में किया जाएगा। इस पूरी आपूर्ति की अनुमानित लागत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, जो भारत और गिनी के बीच औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
