आज है अजा एकादशी ,आज के दिन भगवान विष्णु को समर्पित स्तोत्र का पाठ करें

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन इस व्रत का पालन करता है, उन्हें जीवन में अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.बता दें कि आज यानी आप भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर अजा एकादशी व्रत का पालन किया जा रहा है. भाद्रपद मास में इस व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है और मान्यता है कि आज के दिन भगवान विष्णु को समर्पित स्तोत्र का पाठ करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है.
श्री हरि स्तोत्रम्
जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं
शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं
नभोनीलकायं दुरावारमायं
सुपद्मासहायम् भजेSहं भजेSहं ॥
सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासं
जगत्सन्निवासं शतादित्यभासं
गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीतवस्त्रं
हसच्चारुवक्त्रं भजेSहं भजेSहं ॥
रमाकण्ठहारं श्रुतिव्रातसारं
जलान्तर्विहारं धराभारहारं
चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपं
ध्रुतानेकरूपं भजेSहं भजेSहं ॥
जराजन्महीनं परानन्दपीनं
समाधानलीनं सदैवानवीनं
जगज्जन्महेतुं सुरानीककेतुं
त्रिलोकैकसेतुं भजेSहं भजेSहं ॥
कृताम्नायगानं खगाधीशयानं
विमुक्तेर्निदानं हरारातिमानं
स्वभक्तानुकूलं जगद्व्रुक्षमूलं
निरस्तार्तशूलं भजेSहं भजेSहं ॥
समस्तामरेशं द्विरेफाभकेशं
जगद्विम्बलेशं ह्रुदाकाशदेशं
सदा दिव्यदेहं विमुक्ताखिलेहं
सुवैकुण्ठगेहं भजेSहं भजेSहं ॥
सुरालिबलिष्ठं त्रिलोकीवरिष्ठं
गुरूणां गरिष्ठं स्वरूपैकनिष्ठं
सदा युद्धधीरं महावीरवीरं
महाम्भोधितीरं भजेSहं भजेSहं ॥
रमावामभागं तलानग्रनागं
कृताधीनयागं गतारागरागं
मुनीन्द्रैः सुगीतं सुरैः संपरीतं
गुणौधैरतीतं भजेSहं भजेSहं ॥
फलश्रुति
इदं यस्तु नित्यं समाधाय चित्तं
पठेदष्टकं कण्ठहारम् मुरारे:
स विष्णोर्विशोकं ध्रुवं याति लोकं
जराजन्मशोकं पुनर्विन्दते नो ॥
क्या है अजा एकादशी व्रत का महत्व?
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. मानता है की एकादशी व्रत के दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से विशेष लाभ मिलता है. अजा एकादशी व्रत का पालन श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत के बाद किया जाता है, इसलिए इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है. मान्यता है कि अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को अजय और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं. साथ ही इस विशेष दिन पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या धन का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. साथ ही भौतिक जीवन पूरा करने के बाद श्री हरि के चरणों में स्थान प्राप्त होता है.
