राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर तंज कसा पूछा, मोदी जी आप आम छीलकर खाते हो, या चूसकर खाते हो

हिमाचल प्रदेश के नाहन में एक चुनावी जनसभा में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर तंज कसा। राहुल ने पूछा, मोदी जी एक बात बताइए। आप आम कैसे खाते हो।आप क्या उसको छीलकर खाते हो, या चूसकर खाते हो। फिर राहुल ने खुद ही कहा कि मोदी जी जवाब देते हैं, पता नहीं सब कुछ अपने आप होता है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी जी कहते हैं कि मैं बाकी हिंदुस्तान जैसे बायोलॉजिकल नहीं हूं। बाकी हिंदुस्तान खेती करता है, मेहनत करता है, मुझे तो परमात्मा गाइड करते हैं। मैं हिंदुस्तान में एक ऐसा व्यक्ति हूं जिसका परमात्मा के साथ डायरेक्ट कनेक्शन है। वे जब ऐसा कहते हैं तो चमचे वाह-वाह करने लगते हैं। चमचे कहते हैं कि क्या कमाल की बात बोली है।

संविधान की प्रति दिखाते हुए राहुल गांदी ने कहा कि मतलब एक व्यक्ति जिसको परमात्मा से कनेक्शन है, उसको इसकी क्या जरूरत है। वो तो डायरेक्ट बात कर रहे हैं। राहुल ने पीएम पर तंज कसते हुए कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि मोदी जी, आपको ऐसी फीलिंग सुबह आती है, शाम को आती है या फिर 24 घंटे आती है? राहुल ने कहा कि अलग-अलग बीमारियां होती हैं। कोई शाम को लगती है, कोई सुबह को लगती है।

राहुल गांधी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 40 साल तक मेहनत करने वाला एक आम कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बना है। मैंने खुद सुक्खू जी को कांग्रेस की विचारधारा के लिए लड़ते देखा है। कोई भी कार्यकर्ता आम नहीं, खास होता है। हर व्यक्ति के अंदर कोई न कोई हुनर होता है। हमारे कार्यकर्ता दिनभर मेहनत करते हैं और हमारी विचारधारा को लोगों के बीच ले जाते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ता जनता की आवाज बनकर आजादी के लिए लड़े और लोगों के साथ मिलकर देश को संविधान दिया। अगर गहराई से देखा जाए तो संविधान की सोच हजारों वर्ष पुरानी है और ये भारत की बहुत पुरानी आवाज है। लेकिन बीजेपी के लोग इस संविधान पर आक्रमण कर रहे हैं। वे खुलकर कहते हैं कि संविधान बदल देंगे।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर मानसूनी आपदा में हिमाचल प्रदेश की अनदेखी करने का आरोप लगाया।उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले एक दशक में 22 से 25 उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में बीते वर्ष आई भयंकर आपदा में कोई आर्थिक मदद नहीं की।

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