ED, CBI पीछे पड़ी तो धड़ाधड़ खरीद लिए इलेक्टोरल बॉन्ड…..

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी कई जानकारियों लोगों के सामने आ गई हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के बाद पता चला है कि इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली कम से कम 26 ऐसी कंपनियां हैं जो कि जांच एजेंसियों के रडार पर थीं।भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड से मिलने वाले चंदे का 37.34 फीसदी इन्हीं कंपनियों से मिला।अप्रैल 2019 से फरवरी 2024 के बीच इन 26 कंपनियों ने ही 700 करोड़ से ज्यादा के बॉन्ड खरीद लिए। वहीं जांच एजेंसियों के रडार पर आने के बाद इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने में तेजी आ गई। इनमें से 10 कंपनियां ऐसी हैं जिन्होंने 100-100 करोड़ से ज्यादा के बॉन्ड खरीदे। सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन की फ्यूचर गेमिंग ने ईडी के ऐक्शन से पहले एक भी बॉन्ड नहीं खरीदा था। जांच एजेंसी की मार पड़ी तो इसने 503 करोड़ का चंदा डीएमके को ही दे दिया। इसके अलावा टीएमसी को भी 542 करोड़ का चंदा दिया। भाजपा को भी फ्यूचर गेमिंग से 100 करोड़ मिले। बता दें कि फ्यूचर गेमिंग का कारोबार तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अच्छा चलता था।

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