सोनभद्र पुलिस की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप दहेज मृत्यु के अभियोग में 03 अभियुक्तों को 14-14 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा
सोनभद्र पुलिस की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप दहेज मृत्यु के अभियोग में 03 अभियुक्तों को 14-14 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा

श्रीमान पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, लखनऊ एवं श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी के निर्देशन, श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र, मिर्जापुर के कुशल पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक सोनभद्र *श्री अभिषेक वर्मा* के नेतृत्व में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे *”#Operation Conviction”* अभियान के क्रम में *थाना विण्ढमगंज पुलिस* को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
सोनभद्र पुलिस की प्रभावी विवेचना, सुदृढ़ साक्ष्य संकलन एवं अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के फलस्वरूप थाना विण्ढमगंज पर पंजीकृत दहेज मृत्यु के अभियोग में माननीय न्यायालय द्वारा तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए दण्डित किया गया।
प्रकरण का विवरण-
थाना : विण्ढमगंज, जनपद सोनभद्र
एसटी नं. : 11/2020
मु0अ0सं. : 122/2019
धारा : 304-बी, 498-ए भादवि एवं 3/4 डीपी एक्ट
अभियुक्तगण का विवरण-
1. सन्तोष कुमार कुशवाहा पुत्र शिव नारायण कुशवाहा
2. शिव नारायण कुशवाहा पुत्र बागेश्वर कुशवाहा
3. लीलावती देवी पत्नी शिव नारायण कुशवाहा समस्त निवासीगण ग्राम डुमरा, थाना विण्ढमगंज, जनपद सोनभद्र।
मा० न्यायालय द्वारा पारित सजा-
माननीय एएसजे/एफटीसी (सीएडब्ल्यू), सोनभद्र द्वारा तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए—
धारा 304-बी भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को 14-14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा।
धारा 498-ए भादवि में 02 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹10,000/- (दस हजार रुपये) अर्थदण्ड।
धारा 3/4 डीपी एक्ट में 01 वर्ष के साधारण कारावास एवं ₹5,000/- (पाँच हजार रुपये) अर्थदण्ड।
अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में नियमानुसार अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय के आदेशानुसार सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी तथा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
सजा दिलाने में सराहनीय भूमिका-
उक्त प्रकरण में थाना विण्ढमगंज पुलिस, अभियोजन अधिकारी, कोर्ट मोहर्रिर एवं जनपद मॉनिटरिंग सेल द्वारा प्रभावी विवेचना एवं सुदृढ़ न्यायालयीन पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कराते हुए 14-14 वर्ष के कठोर कारावास सहित अर्थदण्ड की सजा सुनिश्चित कराई गई।
