ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के बीचोबीच खड़ा ब्रह्मा बाबा का मंदिर निर्माण कार्य पर उठे सवाल और रहस्य की चर्चा।।
राजू यादव क्राइम प्रधान संपादक

भांवरकोल गाजीपुर। क्षेत्र के सियाड़ी गांव के समीप निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड के बीचोंबीच स्थित ब्रह्म बाबा मंदिर सियाड़ी इन दिनों लोगों के बीच चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं सड़क के बीचोंबीच मौजूद यह प्राचीन मंदिर अब भी यथावत खड़ा है, जिसे लेकर ग्रामीणों और राहगीरों के बीच तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो आसपास के कई ढांचों को हटाया गया, लेकिन ब्रह्म बाबा के इस मंदिर को अब तक नहीं हटाया गया। इस विषय में जब कुछ ग्रामीणों से बातचीत की गई तो उन्होंने दावा किया कि मंदिर के स्थान पर निर्माण कार्य करने की कोशिश में कई बार बाधाएं उत्पन्न हुईं। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण से जुड़े एक इंजीनियर जब दूरबीन उपकरण से स्थल का निरीक्षण कर रहे थे तो कथित तौर पर उन्हें उस स्थान पर स्पष्ट दृश्य नहीं दिखाई दे रहा था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल रही है। ग्रामीणों का मानना है कि ब्रह्म बाबा गांव के ‘चौकीदार देव’ माने जाते हैं। गांव में किसी भी शुभ कार्य से पहले लोग उनका आशीर्वाद लेते हैं। कई बुजुर्ग बताते हैं कि पीपल के पेड़ के नीचे स्थित ऐसे स्थानों से लोगों की आस्था गहराई से जुड़ी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के जीवन में ब्रह्म बाबा की मान्यता पीढ़ियों से चली आ रही है। बचपन की यादों में भी यह आस्था गहराई से बसती है। जब बुजुर्ग बच्चों को पीपल के पेड़ की ओर इशारा कर बताते थे कि वहां ब्रह्म बाबा का वास है और गलत काम करने पर वे दंड भी दे सकते हैं। यही वजह है कि आज भी गांवों में पीपल के पेड़ और ब्रह्म बाबा के स्थान को विशेष सम्मान दिया जाता है । समय के साथ गांवों की जीवनशैली भले ही बदल गई हो, लेकिन आस्था और विश्वास की यह परंपरा आज भी कायम है। ऐसे में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के बीच स्थित यह मंदिर लोगों के लिए केवल एक ढांचा नहीं बल्कि आस्था और परंपरा का प्रतीक बन गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि निर्माण कार्य से जुड़ी कार्य संस्था इस स्थिति का समाधान किस प्रकार करती है और क्या इस मंदिर को स्थानांतरित किया जाएगा या फिर सड़क की योजना में कोई बदलाव किया जाएगा।डिस्क्लेमर: इस खबर में ग्रामीणों द्वारा बताई गई कुछ बातों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण करने वाली संस्था से संपर्क साध इस खबर कि सत्यता कि स्पष्ट रुप से पुष्टि करने का प्रयास किया जाएगा।
