डाला नगर पंचायत में E.O. अखिलेश सिंह पटेल पर गंभीर आरोप: क्या जातिवाद और मनमानी से थम गया है

डाला नगर पंचायत में E.O. अखिलेश सिंह पटेल पर गंभीर आरोप: क्या जातिवाद और मनमानी से थम गया है

उपेंद्र तिवारी सोनभद्र ब्यूरो
डाला, सोनभद्र: डाला नगर पंचायत का प्रशासनिक माहौल इन दिनों खासा गरमाया हुआ है। अधिशासी अधिकारी (E.O.) अखिलेश सिंह पटेल पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। उन पर नगर पंचायत अध्यक्ष की अनदेखी करने, जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने और मनमाने ढंग से काम करने के आरोप हैं, जिससे नगर का विकास थम सा गया है।

अध्यक्ष से दुर्व्यवहार, मनमानी से हो रहे काम
स्थानीय सूत्रों और नगर पंचायत अध्यक्ष के करीबी लोगों के अनुसार, जब से E.O. अखिलेश सिंह पटेल ने कार्यभार संभाला है, तब से ही उनकी कार्यशैली सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वे अध्यक्ष को कोई भी जानकारी देना उचित नहीं समझते। जब भी अध्यक्ष किसी काम के बारे में उनसे पूछती हैं, तो वे गुस्से में आ जाते हैं।
स्थिति यह है कि नगर में कौन सा काम कब शुरू हो रहा है, इसकी जानकारी अध्यक्ष को भी नहीं होती। कई बार तो लोगों की शिकायतें आने पर ही पता चलता है कि नगर में कोई काम शुरू हो चुका है। इससे अध्यक्ष और जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। बताया जाता है कि E.O. लोगों से यह कहते फिरते हैं कि “अध्यक्ष कुछ नहीं कर पाएंगे, शासन में मेरी बहुत अच्छी पकड़ है।”
ठेकेदार भी भड़का रहे सदस्यों को
मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पता चला कि E.O. के एक चहेते ठेकेदार भी इस विवाद में शामिल हैं। आरोप है कि वह ठेकेदार नगर पंचायत के सदस्यों को भड़का रहा है। वह सदस्यों से कहता है, “आप सभी E.O. की टीम में आ जाओ। उनकी पकड़ बहुत ऊपर तक है। अध्यक्ष की टीम में रहकर आप लोगों को कुछ नहीं मिलेगा।” इस तरह की बातों से नगर पंचायत की राजनीति और भी दूषित हो रही है।
जातिवाद का जहर घोलने का आरोप
E.O. अखिलेश सिंह पटेल पर सबसे गंभीर आरोप नगर में जातिवाद को बढ़ावा देने का है। निवासियों का आरोप है कि वे अपनी बातों और फैसलों में जातिगत आधार पर भेदभाव करते हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि E.O. कुछ खास जाति के लोगों को तरजीह देते हैं, उनके इस कथित व्यवहार से नगर का सामाजिक सौहार्द बिगड़ने लगा है, जिससे जनता में काफी रोष है।
इस पूरे मामले पर फिलहाल नगर पंचायत अध्यक्ष ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके समर्थक इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं। वे इस मामले में सोनभद्र के ज़िलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि डाला नगर में विकास कार्य बिना किसी भेदभाव के सुचारू रूप से चल सकें।

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