हाई कोर्ट ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल के धनगर जाति के प्रमाण पत्र को माना वैध, जिला स्क्रूटनी कमेटी ने कर दिया था निरस्त
हाई कोर्ट ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल के धनगर जाति के प्रमाण पत्र को माना वैध, जिला स्क्रूटनी कमेटी ने कर दिया था निरस्त

टी .एल. भास्कर प्रदेश क्राइम ब्यूरो
डाला (सोनभद्र) – डी एम बद्रीनाथ सिंह की अगुवाई वाली जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी सोनभद्र ने बीते माह अगस्त 2024 में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल की जाति प्रमाण पत्र में दर्ज जाति धनगर को जाँच कर निरस्त करने का आदेश पारित किया गया था जिसे सुभाष पाल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में अपील कर चुनौती दी गई ।
मा० उच्च न्यायालय में रिट याचिका सं० 15391-2025 में मा० उच्च न्यायालय के आदेश 15/5/25 के क्रम में उच्च-यायालय द्वारा जिला स्क्रूटनी कमेटी के आदेश को विधि के विरुद्ध व गलत मानते हुए समाप्त करने का आदेश देते हुए धनगर प्रमाण पत्र को वैध माना है ।
जाने क्या है पूरा मामला –
चोपन अंचल के कोटा क्षेत्र से
पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रहे सुभाष पाल पुत्र रामराज पाल निवासी डाला बाजार द्वारा तहसीलदार स्तर से जाति धनगर (अनुसूचित जाति ) का प्रमाण पत्र हासिल किया था ।
जिसे डीएम बद्रीनाथ सिंह की अगुवाई वाली जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की तरफ से कराए गए मामले के परीक्षण और की गई जांच में उन्हें धनगर की बजाय, पाल बिरादरी यानी अनुसूचित की जगह पिछड़ा वर्ग का पाया गया था। इसके आधार पर धनगर जाति के प्रमाण पत्र को बीते अगस्त 2024 में निरस्त किए जाने का आदेश पारित किया गया था ।
जिसे सुभाष पाल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई ।मा० उच्च न्यायालय में रिट याचिका सं० 15391-2025 में मा० उच्च न्यायालय के आदेश 15/5/25 के क्रम में उच्च-न्यायालय द्वारा जिला स्क्रूटनी कमेटी के आदेश को विधि के विरुद्ध व गलत मानते हुए समाप्त करने का आदेश देते हुए धनगर प्रमाण पत्र को वैध माना है।
