सोनाचंल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अपने प्रस्ताव का किया खण्डन।

सोनाचंल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अपने प्रस्ताव का किया खण्डन।

संवाददाता -सद् दाम कुरैशी

सोनभद्र – सोनांचल बार एसोसिएशन में इन दिनों शक्ति प्रदर्शन को लेकर कुछ पूर्व के पदाधिकारी और वर्तमान पदाधिकारियों में घमासान की स्थिति है। पूर्व पदाधिकारी के गुट द्वारा आए दिन कोई भी प्रस्ताव पारित करके शासन प्रशासन को सूचित या पत्राचार किया जाता है जिसमें कुछ मामले में वर्तमान अध्यक्ष और उनके पदाधिकारियों की असहमति रहती है।

मंगलवार को भी ऐसा ही एक वाकया सामने आया जिसमें पूर्व पदाधिकारी के दल से कुछ अधिवक्ताओं ने वरिष्ठ एडवोकेट नसीम अहमद खान के खिलाफ अनर्गल सांप्रदायिक और वाक्युद्ध का आरोप लगाते हुए एक हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से जहां आपात बैठक कर प्रस्ताव पारित किया वही कारण बताओ नोटिस के साथ उनकी सदस्यता भंग करने की भी मांग रखी। इसके विपरीत वर्तमान अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद शर्मा ने ऐसे किसी आशय और वक्तव्य तथा प्रस्ताव का खंडन करते हुए कहा की नसीम अहमद पर पूर्व के कुछ पदाधिकारी द्वारा जो आरोप लगाकर सोनांचल बार एसोसिएशन से सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव दिया गया है वह नितांत गलत है ऐसा कोई कृत्य नसीम अहमद द्वारा नहीं किया गया है। एडवोकेट नसीम अहमद के विरुद्ध न तो आपात बैठक बुलाई गई है और न ही निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है और न ही कारण बताओ नोटिस जारी करने का कोई निर्णय अध्यक्ष सोनांचल बार एसोसिएशन ओबरा तहसील से लिया गया है
इसलिए मैं इस प्रस्ताव पत्र का खंडन करता हूं। हां अन्य पत्राचार के तहत कुछ पूर्व के पदाधिकारी ने मेरे समक्ष आनन फानन में सोनांचल बार एसोसिएशन के लेटर हेड पर आरोप मढ़कर मुझे पढ़ने का अवसर दिए बिना तथा मुझ पर दबाव बनाकर मुझसे हस्ताक्षर कराया था जब मुझे वास्तविकता की जानकारी हुई एवं ऐसा लगा कि यह कार्रवाई दुर्भावना एवं पक्षपात पूर्ण किया जा रहा है तब मैंने वह पत्र पढ़ा और मैं इसका खंडन करता हूं।
इधर सोनांचल बार एसोसिएशन द्वारा जारी खंडनात्मक विज्ञप्ति की पुष्टि हेतु जब सोनाचंल बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद शर्मा को फोन किया तो उनका मोबाइल बन्द पाया गया।

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