मौनी अमावस्या के दिन एक गलती…’, महाकुंभ में भगदड़ की घटना पर DGP का बड़ा खुलासा

माघ पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार,12 फरवरी को प्रयागराज महाकुंभ में पांचवें अमृत स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था की डूबकी लगाने प्रयागराज की धरती पर पहुंचे हैं।बुधवार सबुह 10 बजे तक करीब 1 करोड़ 3 लाख लोगों ने स्नान किया है। मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ की घटना के बाद सीख लेते हुए प्रशासन की ओर से माघ पूर्णिमा को लेकर खास तैयारी की गई थी। उत्तर प्रदेश के DGP प्रशांत कुमार ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी।

महाकुंभ में माघ पूर्णिमा पर अमृत स्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सबसे पहले सुबह-सुबह नागा साधुओं के अखाड़ों ने स्नान किया। फिर दूसरे अखाड़ों के साधु-संतों ने संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद आम श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू किया। बता दें कि महाकुंभ में अब तक 46 से 47 करोड़ लोग पवित्र संगम में डुबकी लगा चुके हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को नियंत्रण करना प्रशासन के लिए आसान काम नहीं था। DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

47 करोड़ लोग अब तक महाकुंभ में लगा चुके हैं डुबकी

DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि अब महाकुंभ में भीड़ से निपटने के लिए ‘बिल्ड बैक बेटर’ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘बिल्ड बैक बेटर’ एक प्रबंधन तकनीक है। हमने खुद को बेहतर बनाने के लिए समुदाय की प्रतिक्रिया ली और नई तकनीकों को लागू किया। आज भी 10 बजे तक 1 करोड़ 3 लाख लोगों ने महाकुंभ में पवित्र स्नान किया है। मगर श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई है। DGP ने बताया कि अब तक लगभग 46 से 47 करोड़ लोग महाकुंभ में आ चुके हैं। मेला क्षेत्र ही नहीं पूरे प्रयागराज शहर में उमड़ी भीड़ पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।

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