छत्तीसगढ़ सीमा से लगे तेलंगाना राज्य के चेरला क्षेत्र में हाल ही में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया

छत्तीसगढ़ सीमा से लगे तेलंगाना राज्य के चेरला क्षेत्र में हाल ही में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी नक्सली बीजापुर और सुकमा जिलों में सक्रिय थे और विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे थे।समर्पण के बाद, इन नक्सलियों ने सामान्य जीवन की ओर लौटने का संकल्प लिया और पुलिस की मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की।
पुलिस ने दी जानकारी
नक्सलियों के सामने भद्राद्री कोटगुडम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित राज भी उपस्थित थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये नक्सली लंबे समय से जंगलों में छिपकर नक्सल गतिविधियों में शामिल थे। इनमें से कई नक्सलियों के खिलाफ हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों के मामले भी दर्ज थे। अब इन नक्सलियों ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए समर्पण किया है और आगे बढ़ने का फैसला लिया है। विदेशी संगीतकार ने ‘जय श्री राम’ कहकर जीता 40 हजार भारतीयों का दिल, Foreigners का सनातनी प्रेम देख खुशी से उछल पड़े फैंस
इलाके में शांति कायम करने में मदद
इन नक्सलियों को सरकार द्वारा पुनर्वास योजना के तहत सहायता मिलेगी, ताकि वे समाज में मुख्यधारा से जुड़ सकें और एक सामान्य जीवन जी सकें। पुलिस अधिकारियों ने इस कदम को सकारात्मक माना है और कहा कि इससे इलाके में शांति कायम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह घटना अन्य नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर सकती है।
शांति की ओर बढ़ना चाहते नक्सली
समर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि वे अब हिंसा और आतंक के रास्ते से हटकर शांति की ओर बढ़ना चाहते हैं। उनका कहना था कि उन्हें अब यह समझ में आ गया है कि हिंसा से किसी का भला नहीं होता और इस रास्ते पर चलने से केवल विनाश ही होता है। यह घटना तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा से जुड़े नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
