प्राइवेट कंपनियों द्वारा मजदूरों का शोषण
प्राइवेट कंपनियों द्वारा मजदूरों का शोषण

रेणुसागर उर्जाचल के औद्योगिक ईकाइयों अनपरा थर्मल प्लांट, ,हिंडालको अल्युमिनियम प्लांट रेनू सागर पावर प्लांट एनटीपीसी एनसीएल अपने संविदा श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित वास्तविक पेमेंट नहीं दे रही है कंपनियां निर्धारित वेतन से कम पेमेंट देकर श्रमिकों का शोषण कर रहे हैं जिसमें स्थानीय श्रम अधिकारी भी संलिप्त है सरकारी रेट प्रतिदिन कुशल श्रमिक का 783,अर्ध कुशल श्रमिक का 868,कुशल श्रमिक और क्लर्क का 954 ,उच्च कुशल वाले श्रमिक को 1035 रुपया प्रतिदिन है लेकिन हिंडाल्को इंडस्ट्रीज अपने श्रमिकों को क्रमशः 445 ,497,563 ,और 700 के दर से श्रमिकों को वेतन दे रहे हैं इस चीज पर श्रम अधिकारी भी संज्ञान में नहीं ले रहे हैं जिससे मजदूरों को अपनी वास्तविक मजदूरी नहीं मिल पा रही है श्रम अधिकारी पिपरी में बैठकर अपनी सुविधा लेते हैं लेकिन वह श्रमिकों का वास्तविक रेट नहीं दिला पा रहे है।यही काम सिंगरौली जिले के बैठने में बैठने वाले श्रम अधिकारी भी कर रहे हैं जिससेे स्थानीय श्रमिक एवं श्रमिक नेता भी इन कंपनी से नाराज चल रहे हैं।
डॉक्टर एम ठाकुर
