कोलकाता मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने CBI से मांगी नई स्टेटर रिपोर्ट, एक सप्ताह का दिया समय

कोलकाता मामले की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल में एक ट्रेनी महिला डॉक्टर के रेप मर्डर मामले की 22 अगस्त को पहली बार सुनवाई की थी.शीर्ष कोर्ट आज फिर इस मामले की सुनवाई कर रहा है. कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने एक स्टेटस रिपोर्ट दायर की है. जिसमें उन्होंने बताया कि जब डॉक्टर हड़ताल पर थे तब 23 मरीजों की मौत हुई.
22 अगस्त को हुई थी कोलकाता मामले की पिछली सुनवाई
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की 20 अगस्त को हुई सुनवाई में शीर्ष कोर्ट ने इस घटना को भयावह करार दिया था. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल बनाने के लिए 10 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स का गठन करने समेत कई निर्देश जारी किए.
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सुप्रीम कोर्ट में 22 अगस्त को हुई सुनावाई के दौरान कोर्ट ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज करने में देरी को लेकर कोलकाता पुलिस को फटकार लगाई थी. इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील भी की थी, शीर्ष कोर्ट ने कहा था कि “न्याय चिकित्सा” को रोका नहीं जा सकता. वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कोलकाता पुलिस से सीबीआई को सौंप दी गई.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि 9 अगस्त को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल के सेमिनार हॉल के अंदर एक 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप किया गया, उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. इस मामले में संजय रॉय नाम के एक नागरिक स्वयंसेवक को गिरफ्तार किया गया. वहीं डॉक्टर के रेप मर्डर के बाद देशभर में बवाल मच गया डॉक्टर हड़ताल पर चले गए.
