मीराबाई चानू ने दूसरा ओलंपिक मेडल गवाया मुकाबला के बाद छलक दर्द

विनेश फोगाट की मेडल से चूकने वाली खबर से जब पूरा देश निराश था तब बुधवार रात को देश को एक अच्छी खबर की उम्मीद थी। उम्मीद थी कि टोक्यो ओलंपिक-2020 में सिल्वर मेडल दिलाने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू एक बार फिर देश को खुशी से झूमने का मौका देंगी और दर्द को कुछ हल्का करेंगी।लेकिन मीराबाई फेल हो गईं। वह महिलाओं की 49 किलोग्राम वेट कैटेगरी में चौथे स्थान पर रहकर मेडल लाने से चूक गईं।

टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और भारतीय महिला भारोत्तोलन सैखोम मीराबाई चानू पेरिस ओलंपिक 2024 में चौथे स्थान पर रहकर अपने दूसरे ओलंपिक पदक से चूक गईं। चानू बुधवार को महिलाओं की 49 किलोग्राम भारोत्तोलन फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं।

प्रतियोगिता के दो चरणों के समापन के बाद मीराबाई ने 199 किग्रा के स्कोर के साथ समापन किया, जो टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक के लिए उनके कुल वजन (202 किग्रा) से 3 किग्रा कम है। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 205 किग्रा है जिसे उन्होंने 2020 एशियाई चैम्पियनशिप में उठाया था।

चानू ने फाइनल के बाद खुलासा किया कि उन्हें मंच पर कमजोरी महसूस हुई क्योंकि यह उनके पीरियड्स (मासिक धर्म) का तीसरा दिन था।

मीराबाई ने संवाददाताओं से कहा, ” मैं प्रदर्शन से खुश हूं। मैंने भारत को पदक दिलाने के लिए अपना 100 प्रतिशत देने की पूरी कोशिश की लेकिन चोट के बाद ठीक होने के लिए बहुत कम समय होने के बावजूद मैं इसमें कामयाब रही। मैंने भारत के लिए पदक लाने की पूरी कोशिश की लेकिन यह नियति में नहीं था। यह मेरे पीरियड्स (मासिक धर्म) का तीसरा दिन था, इसलिए इसका आपके शरीर पर भी थोड़ा असर पड़ता है।”

Above Reporter Photo
[embedyt] https://www.youtube.com/embed?listType=playlist&list=UCYzEYpxh613jPw3luW3xiQA&layout=gallery[/embedyt]