कांग्रेस सांसद राहुल गांधी हाथरस के लिए रवाना वह पहुंचकर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों से करेंगे मुलाकात

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार तड़के हाथरस के लिए रवाना हो गए हैं. वह हाथरस पहुंचकर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात करेंगे. वह सड़क मार्ग से रवाना हो चुके हैं.वह इस हादसे में जान गंवा चुकी मुन्नी देवी, आशा देवी और घायल माया देवी के परिवार के मिलेंगे. वह जिला अस्पताल में भर्ती हैं.

राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. वह सबसे पहले मृतक मंजू के परिवार से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह मृतक प्रेमवती और शांति देवी के परिवार से भी मिलेंगे.

उत्तर प्रदेश के हाथरस में इस सप्ताह की शुरुआत में एक धार्मिक आयोजन में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इस घटना में स्वयंभू भगवान ‘भोले बाबा’ उर्फ नारायण साकार हरि की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था.

आयोजन समिति से जुड़े छह लोग गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को कार्यक्रम की आयोजन समिति से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की आंतरिक जांच रिपोर्ट में प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल में गंभीर खामियों को पता चला है.

मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख का इनाम

हाथरस हादसे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी शलभ माथुर ने कहा कि मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख का इनाम रखा गया है. पुलिस जल्द ही कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाएगी. आईजी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भोले बाबा से पूछताछ की जाएगी. बाबा का रोल सामने आया, तो उसके खिलाफ करवाई की जाएगी.

हालांकि FIR में भोले बाबा का नाम नहीं है. लेकिन भोले बाबा के अपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है. उनके फॉलोअर्स हर शहर में हैं, ऐसे में कई शहरों में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं. बाबा ने नौकरी से वीआरएस लिया था, न्यायिक आयोग इसमें प्रशासनिक लापरवाही की जांच करेगा.

आईजी ने कहा कि जिन आरोपियों को पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया है, वह आयोजन समिति के मेंबर हैं. आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे. पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें 2 महिलाएं शामिल हैं. आरोपी खुद ही क्राउड मैनेजमेंट का काम करते थे. इस काम के लिए प्रशासन का हस्तक्षेप इन्हें स्वीकार नहीं था.

वहीं, जिला मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने कहा कि भगदड़ के बाद 21 शवों को आगरा, 28 को एटा, 34 को हाथरस और 38 को अलीगढ़ ले जाया गया. उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को हाथरस त्रासदी की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया, जो इस संभावना की भी जांच कर रहा है कि भगदड़ के पीछे कोई साजिश थी. पैनल दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

Above Reporter Photo
[embedyt] https://www.youtube.com/embed?listType=playlist&list=UCYzEYpxh613jPw3luW3xiQA&layout=gallery[/embedyt]