व्लादिमीर पुतिन ने 7 मई को एक भव्य क्रेमलिन उद्घाटन समारोह में रूस के राष्ट्रपति के रूप में पांचवें कार्यकाल के लिए शपथ ली

व्लादिमीर पुतिन ने 7 मई को एक भव्य क्रेमलिन उद्घाटन समारोह में रूस के राष्ट्रपति के रूप में पांचवें कार्यकाल के लिए शपथ ली। पुतिन ने समारोह में नए पांच साल के कार्यकाल के लिए शपथ ली।रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने बहिष्कार किया। वह लगभग 25 वर्षों से पद पर हैं। जोसेफ स्टालिन के बाद सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले क्रेमलिन नेता हैं। वह 2030 तक सत्ता में बने रहेंगे। संविधान के अनुसार अगले छह साल तक सत्ता में रहने का विकल्प रहेगा।
बीते करीब 25 वर्षों से देश की सत्ता पर काबिज पुतिन, जोसेफ स्टालिन के बाद राष्ट्रपति के पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले रूस के पहले नेता बन गए हैं। पुतिन का नया कार्यकाल 2030 तक जारी रहेगा और इसके बाद वह राष्ट्रपति के अगले कार्यकाल की दावेदारी के लिए संवैधानिक रूप से एक बार फिर से पात्र बन जाएंगे।
ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस के अंदर आयोजित समारोह में पुतिन ने रूसी संविधान पर अपना हाथ रखा और इसकी रक्षा करने की कसम खाई। इस दौरान चुनिंदा गणमान्य हस्तियां वहां मौजूद थीं। 1999 में राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन का उत्तराधिकारी बनने के बाद से पुतिन ने रूस को आर्थिक पतन से उबारते हुए एक ऐसे देश के रूप में तब्दील कर दिया है, जिसे पश्चिम देश वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। अब देखना यह है कि 71 वर्षीय पुतिन अगले छह वर्षों के दौरान देश और विदेश दोनों मोर्चों पर रूस को कहां लेकर जाएंगे।
