तेज प्रताप का नामांकन टला, कन्नौज सीट से अब लड़ सकते हैं अखिलेश खुद चुनाव

उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से अब पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद चुनाव लड़ सकते हैं. कन्नौज के समाजवादी पार्टी के नेताओं की जिद के बाद वे अपना फैसला बदल सकते हैं.सोमवार को ही उन्होंने अपने भतीजे तेज प्रताप यादव को कन्नौज से पार्टी का टिकट दिया था. आज वे इटावा और सैफई जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि वहां वे परिवार संग भी इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और तेज प्रताप यादव को भी समझाएंगे.
बताया जा रहा है कि मैनपुरी से सांसद रह चुके तेज प्रताप यादव इस बार हर हाल में चुनाव लड़ना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने अखिलेश और डिंपल से जबरदस्त पैरवी की. वे लालू यादव के सबसे छोटे दामाद हैं. लालू की बेटी राजलक्ष्मी से उनकी शादी हुई है. उनके टिकट के लिए लालू यादव ने भी अखिलेश यादव से कहा था.
तेज प्रताप का नामांकन टला
तेज प्रताप को आज कन्नौज जाकर नामांकन करना था, लेकिन अब ये टल गया है. सूत्र बताते हैं कि अखिलेश यादव 25 अप्रैल को कन्नौज से नामांकन कर सकते हैं. कन्नौज सीट से तेज प्रताप को मैदान में उतारने के अखिलेश यादव के फैसले को स्थानीय नेता मानने को तैयार नहीं है. सोमवार रात से ही कन्नौज के पार्टी नेता लगातार अखिलेश यादव से मिल कर फैसला बदलने की मांग कर रहे हैं.
अखिलेश ने मांगा 24 घंटे का वक्त
अखिलेश यादव से मिल कर बाहर निकले नेताओं से जब बातचीत की गई तो पता चला कि अखिलेश ने अगले चौबीस घंटे में फैसला करने का भरोसा दिया है. अभी कन्नौज से बीजेपी के सुब्रत पाठक सांसद है. वे बीजेपी के उम्मीदवार भी हैं. हाल के दिनों में अखिलेश यादव ने कई बार कन्नौज का दौरा किया था.
पत्रकारों के सवाल पर कि क्या वे कन्नौज से चुनाव लड़ेंगे तब अखिलेश ने कहा था कि आपके सामने कौन बैठा है. अभी तक तो यही तय है कि तेज प्रताप आज कन्नौज से नामांकन करेंगे, लेकिन अखिलेश के फैसला बदलने पर सारे कार्यक्रम बदल सकते हैं.
यादव परिवार के 5 सदस्य मैदान में
इस बार के चुनाव में अब तक यादव परिवार के 5 लोगों की उम्मीदवारी का ऐलान हो चुका है. मैनपुरी सीट से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, फिरोजाबाद से अखिलेश यादव के चचेरे भाई अक्षय यादव, बदायूं सीट से चचेरे भाई आदित्य यादव और आजमगढ़ लोकसभा सीट से चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव मैदान में है., जबकि पांचवें नंबर पर कन्नौज सीट तेज प्रताप के नाम का ऐलान हुआ है, लेकिन अब यहां से अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं.
