मोरवा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा प्रेम प्रसंग, शादी का दबाव और फिर गाला घोटकर हत्या, आरोपी महिला गिरफ्तार

मोरवा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा

प्रेम प्रसंग, शादी का दबाव और फिर गाला घोटकर हत्या, आरोपी महिला गिरफ्तार

सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र में कार के अंदर मिले युवक के शव की गुत्थी को मोरवा पुलिस ने महज कुछ घंटे के भीतर सुलझाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि प्रेम संबंधों में उपजे विवाद का खौफनाक अंजाम था। मृतक द्वारा लगातार शादी का दबाव बनाए जाने से नाराज महिला ने उसकी हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने आरोपी महिला प्रिया गुप्ता पति स्वर्गीय सुनील गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर रही है।

प्राप्त जानकारी अनुसार मृतक सत्यप्रकाश गुप्ता के भाई राहुल गुप्ता उर्फ संजय पिता सुनील गुप्ता निवासी भगत सिंह कॉलोनी ने थाना मोरवा में तहरीर दी की 31 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे उनका भाई उनकी मारुति सुजुकी एस-प्रेसो UP64 AU 6989 में चालक सीट पर पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही उन्होंने पहुंचकर उसे अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इधर सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मोरवा निरीक्षक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच पड़ताल शुरू की।

पुलिस की जांच में आरोपी की पहचान प्रिया गुप्ता पति स्वर्गीय सुनील गुप्ता के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार महिला का मृतक सत्यप्रकाश गुप्ता से पिछले लगभग दो वर्षों से प्रेम संबंध था। पूछताछ में सामने आया कि मृतक लगातार शादी करने का दबाव बना रहा था, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और इसी रंजिश में महिला ने दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और तकनीकी जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी गईं। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों ने आरोपी महिला की भूमिका स्पष्ट कर दी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर मामले में थाना मोरवा में अपराध क्रमांक 420/26 के तहत धारा 103(1) एवं 238(ए) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया।

गौरतलब है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी महिला मृतक सत्यप्रकाश को उठाकर आधी रात में उसके कार के पास ले जाती देखी गई और उसी ने सुबह उसके भाई को फोन कर उसके कार में होने की जानकारी देकर गुमराह करना चाहा परंतु साक्ष के आधार पर वह पकड़ी गई।

पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिंह एवं एसडीओपी रोशनी कुर्मी के मार्गदर्शन में की गई। मौके का निरीक्षण स्वयं निरीक्षक डॉ ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा व उनके द्वारा गठित विशेष टीम ने की।

हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी मोरवा निरीक्षक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह के साथ उपनिरीक्षक एस.पी. तिवारी व अर्चना धुर्वे, सहायक उपनिरीक्षक संजीत सिंह, उमेश अग्निहोत्री, डी एन सिंह, सुनील दुबे, प्रधान आरक्षक कुलदीप शर्मा, त्रिभुवन मिश्रा, श्यामसुंदर बैस सहित रामकाली पनिका, अजय यादव, आकाश पटेल तथा राहुल यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Above Reporter Photo
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