उत्तराखंड: उत्तरकाशी के गुराड़ी गांव में भीषण आग, 3 घर जलकर राख, 13 पशुओं की मौत

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद की मोरी तहसील अंतर्गत गुराड़ी गांव में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ. सुबह करीब 5:30 बजे लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई. आग की चपेट में आकर तीन आवासीय भवन पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि 13 पशुओं की दर्दनाक मौत हो गई.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. आग की चपेट में आकर चार गाय, एक बैल, सात बकरियां और एक भेड़ जिंदा जल गए. पशुओं की मौत से प्रभावित परिवारों को गहरा आर्थिक नुकसान हुआ है. आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया.
सो रहे थे लोग, अचानक लगी आग
सुबह के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे. आग लगते ही शोर-शराबा शुरू हुआ और ग्रामीण जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए. ग्रामीणों ने तत्काल बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. इसी बीच घटना की सूचना प्रशासन को दी गई.
सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंचीं. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति और पशुधन का नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है.
शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी की आशंका
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन कर रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को आपदा राहत के तहत मुआवजा दिया जा सके. प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी.
पहाड़ी इलाकों में सर्दियों के दौरान आग लगने की घटनाएं आम हैं. लकड़ी के घरों और हीटिंग के पारंपरिक साधनों के कारण ऐसी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.
