लखनऊ की मेयर सड़कों पर मज़दूरों के पेपर चेक कर रहीं, योगी ने कहा- ‘सावधान’

उत्तर प्रदेश में कथित अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ चल रहे अभियान के साये में लखनऊ की झुग्गी-बस्तियों में दहशत का माहौल है। 50 से अधिक असमिया परिवार बेघर होने की कगार पर खड़े हैं।लखनऊ की मेयर शहर में नाली, सड़क, पानी की जांच के बजाय झुग्गियों में जाकर गरीब मज़दूरों के कागजात की जांच कर रही हैं। कथित रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को निशाना बनाने वाला यह अभियान अब कानूनी भारतीय प्रवासी मजदूरों की जिंदगी को निगलता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फिर लोगों से अपील की कि “किसी को भी नौकरी देने से पहले उसकी पहचान जरूर सत्यापित करें।”

लखनऊ नगर निगम (LMC) की टीम चार दिनों से मेयर सुषमा खरकवाल के नेतृत्व में शहर के बाहरी इलाके में बनी झुग्गियों में जा रही है। मकसद है “बांग्लादेशी और रोहिंग्या” को बाहर करना। लेकिन बारपेटा (असम) के अली जैसे लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। अली ने बताया, “हमारा ठेला छीन लिया गया और 15 दिनों में झुग्गी खाली करने को कहा गया है। दस्तावेज जांचे बिना ही घर में घुसकर हमारा रोजगार छीन लिया।” तब से अली और सुजान अली जैसे दर्जनों असमिया कबाड़ी मजदूर बेरोजगार हैं। सुजान ने अपना खाली ठेला मीडिया को दिखाते हुए कहा-” चार दिनों से एक दिन भी काम नहीं कर पाया हूं।”

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