विश्व कल्याण के लिए पर्यावरण मुखी जीवन अपनायें स्वयंसेवक
विश्व कल्याण के लिए पर्यावरण मुखी जीवन अपनायें स्वयंसेवक

संवाददाता -सद् दाम कुरैशी
चोपन/ सोनभद्र -कुंभ स्नान को लेकर जहां प्रशासन पूरी तरह अपनी तैयारी में जुटा है वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से कुंभ क्षेत्र को पर्यावरण प्रदूषित करने से रोकने के लिए विभिन्न तरह के अभियान भी चलाए जा रहे हैं इसके तहत काशी क्षेत्र की ओर से एक थाली एक थैला अभियान चलाकर कुंभ क्षेत्र में अधिक से अधिक थाली और सूती कपड़े के बने थैले पहुंचाये जा रहे हैं इसका आशय यह है कि लोग वहां प्लास्टिक के इस्तेमाल से पूरी तरह बचें इस अभियान के तहत काशी क्षेत्र की टीम सोनभद्र पहुंची और यहां कई दानदाताओं द्वारा दिए गए थाली और झोली को एकत्र कर कुंभ के लिए रवाना हुए ।

नर सेवा नारायण सेवा कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान काशी प्रांत के पर्यावरण प्रमुख कृष्ण मोहन जी ने बताया की पर्यावरण प्रदूषण आज विश्व व्यापी समस्या बन चुकी है भारतीय संस्कृति ने विश्व कल्याण के लिए वसुधैव कुटुंबकम और सर्वेभवंतु सुखीन का महामंत्र दिया है जो भारतीय संस्कृति की आत्मा है, भारतीय संस्कृति सरकार रोग प्रदान करने के लिए हमें पर्यावरण मुखी जीवन अपनाने की आवश्यकता है l हम दैनिक जीवन में हरियाली को बढ़ाने में, जल संरक्षण के लिए कल का संयम पूर्वक उपयोग और दोबारा उपयोग करके, प्लास्टिक का काम से कम उपयोग करके, ऊर्जा और केमिकल का संयम पूर्वक उपयोग करके विश्व कल्याण में अपना योगदान दे सकते हैं, समय की मांग और जरूरत दोनों है, हमारे स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने भी स्वच्छ भारत का स्वप्न देखा था उनके स्वप्न को साकार करने के लिए हमें सार्वजनिक स्वच्छता पूर्ण जीवन शैली को अपनाना होगा। स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत, समृद्ध भारत, खुशहाल भारत*, के स्वप्न को पर्यावरण मुख्य जीवन को साकार किया जा सकता है। इस दौरान जिला प्रचारक शिव प्रसाद, विभाग संयोजक ओमप्रकाश, श्यामाचरण गिरी, गणेश तिवारी, रजनीकांत सिंह आदि मौजूद रहे।
