केरल के वायनाड में दो दिन पहले हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 308 हो गई जबकि करीब 200 लोग अब भी लापता

केरल के वायनाड में दो दिन पहले हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 308 हो गई है जबकि करीब 200 लोग अब भी लापता हैं। वायनाड के भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला में खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है।केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के अनुसार, वर्तमान में मरने वालों की संख्या 308 है। वहीं राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने बताया कि वायनाड जिला प्रशासन के मुताबिक मृतकों में 27 बच्चे और 76 महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 225 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकतर मुंडक्कई और चूरलमाला के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों से हैं।

सशस्त्र बलों के 1300 कर्मी लगे है राहत और बचाव कार्यो में

मंत्री ने कहा कि बचाव कार्य के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जिनमें नष्ट हो चुकी सड़कें और पुलों के कारण खतरनाक भूभाग, तथा भारी उपकरणों की कमी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से आपात स्थिति कर्मियों के लिए कीचड़ और उखड़े हुए विशाल पेड़ों को हटाना कठिन हो गया है, जो घरों और अन्य इमारतों पर गिर गए हैं।

आपदा प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्यों का समन्वय कर रहे राजन ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों और सशस्त्र बलों के 1300 कर्मियों ने भारी मशीनरी की मदद के बिना, बारिश, हवा और कठिन भूभाग का सामना करते हुए क्षेत्र में संयुक्त खोज और बचाव अभियान चलाया। राजन के मुताबिक, जिले के 9328 लोगों को 91 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से चूरलमाला और मेप्पाडी में भूस्खलन के कारण विस्थापित हुए 578 परिवारों के 2328 लोगों को नौ राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कई नेताओं ने विस्थापित लोगों से मुलाकात की और उनके साथ एकजुटता व्यक्त की। विजयन ने यहां सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि पहली प्राथमिकता वायनाड त्रासदी के पीड़ितों को बचाना है।

जलांधर से हुई गिरफ्तारी

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने आज पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस पार्टी के नेता भारत भूषण आशु को टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार कर लिया। दिन भर की पूछताछ के बाद उन्हें पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार किया गया।

कैसे शुरू हुई जांच

राज्य सरकार की परिवहन और श्रम ढुलाई नीति 2021 से संबंधित पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद धन शोधन की जांच शुरू की गई थी। इसके अलावा, फर्जी व्यक्तियों को भूखंड आवंटित करने से जुड़े लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले के संबंध में कई शिकायतें भी दर्ज की गईं, जिसके कारण धन शोधन की जांच शुरू हुई।

ईडी का क्या है दावा

ईडी ने आरोप लगाया था कि टेंडर उन ठेकेदारों को आवंटित किए गए थे, जिन्होंने सीवीसी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंगला के माध्यम से आशु से संपर्क किया था। कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु पंजाब सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं।

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