शक्तिनगर क्षेत्र में वनों की कटाई के कारण राष्ट्रीय पक्षी मोर एवं अन्य वन्य जीवों के संरक्षण हेतु आवश्यक कार्रवाई कि जाए
प्रभागीय वनाधिकारी महोदय,
वन विभाग, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश।
शक्तिनगर क्षेत्र में वनों की कटाई के कारण राष्ट्रीय पक्षी मोर एवं अन्य वन्य जीवों के संरक्षण हेतु आवश्यक कार्रवाई किए जाने के संबंध में।

रविंद्र सिंह
सोनभद्र जनपद के शक्तिनगर क्षेत्र में एनसीएल खड़िया परियोजना द्वारा खनन क्षेत्र के निरंतर विस्तार के कारण बड़ी संख्या में पेड़ों एवं प्राकृतिक वनस्पतियों की कटाई की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वन क्षेत्र लगातार सिकुड़ता जा रहा है, जिससे जंगलों में निवास करने वाले वन्य जीव, पक्षी एवं अन्य जीव-जंतु अपने प्राकृतिक आवास से विस्थापित होकर रिहायशी बस्तियों की ओर आने को विवश हो रहे हैं।
विशेष रूप से शक्तिनगर के अंबेडकर नगर से लेकर हरैया, बीना एवं खड़िया माइंस क्षेत्र के आसपास बची हुई छोटी-छोटी झाड़ियों में राष्ट्रीय पक्षी भारतीय मोर सहित अनेक पक्षियों ने अपना आश्रय बना लिया है। वन क्षेत्र के नष्ट होने के कारण इन पक्षियों के प्राकृतिक आवास समाप्त होते जा रहे हैं।
अत्यंत चिंता का विषय यह है कि कुछ असामाजिक एवं अज्ञात व्यक्तियों द्वारा इन पक्षियों का शिकार किए जाने की शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं। यदि समय रहते प्रभावी संरक्षणात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित अन्य वन्य प्रजातियों के अस्तित्व पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है तथा उनकी संख्या में निरंतर गिरावट आने से वे स्थानीय स्तर पर विलुप्ति के कगार पर पहुंच सकते हैं।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि—
शक्तिनगर, हरैया, बीना एवं खड़िया क्षेत्र में वन्य जीव एवं पक्षियों का विशेष सर्वेक्षण कराया जाए।
राष्ट्रीय पक्षी मोर एवं अन्य वन्य जीवों के संरक्षण हेतु विशेष अभियान चलाया जाए।
वन्य जीवों के शिकार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
खनन विस्तार से प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग की नियमित निगरानी एवं गश्त बढ़ाई जाए।
स्थानीय ग्रामीणों को वन्य जीव संरक्षण एवं वन संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए।
जनहित, पर्यावरण संरक्षण एवं वन्य जीवों के अस्तित्व की रक्षा हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का कष्ट करें।
भवदीय,
