डाला में मानकविहीन विद्यालय संचालन का आरोप, शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
डाला में मानकविहीन विद्यालय संचालन का आरोप, शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
मान्यता कहीं और, संचालन कहीं और! एबीएसए के संज्ञान में मामला होने के बावजूद कार्रवाई न होने से अभिभावकों में आक्रोश
जब मान्यता और संचालन स्थल अलग-अलग होने के आरोप हैं, तो आखिर जांच और कार्रवाई में देरी क्यों

टी.एल.भास्कर प्रदेश क्राइम ब्यूरो चीफ
डाला (सोनभद्र ) –डाला क्षेत्र में एक निजी विद्यालय के कथित मानकविहीन संचालन को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। आरोप है कि विद्यालय को जिस भूमि और स्थान के आधार पर मान्यता प्राप्त है, उसका संचालन किसी अन्य स्थान पर किया जा रहा है। मामला विकास खण्ड चोपन के खण्ड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि विभागीय अभिलेखों में विद्यालय को लगभग ढाई बीघा भूमि पर मान्यता प्रदान की गई है, जबकि विद्यालय का संचालन कथित रूप से मात्र ढाई से तीन बिस्वा भूमि पर किया जा रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मानकों और नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जा सकता है।
क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रभावी जांच नहीं कराई गई। इससे शिक्षा विभाग की निष्पक्षता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
वहीं अभिवाहक अपने बच्चों का एडमिशन अन्य विद्यालय में करने के लिए टीसी लेने गए तो बच्चों का एडमिशन एलकेजी कक्षा में कराया गया था जिसे टीसी में नहीं दर्शाते हुए टीसी में कक्षा एक से एडमिशन दर्शाया दे दिया गया। वही एक बच्चे का एडमिशन एलकेजी कक्षा में सन 2016 में विद्यालय प्रबंधन द्वारा कर लिया गया था उसकी टीसी में एलकेजी कक्षा में दाखिला न दिखते हुए कक्षा एक से 2018–19 में दर्शाया गया । जबकि 2016 में विद्यालय को मान्यता ही नहीं मिली थी, फिर भी बच्चों का सन् 2016 में दाखिला ले लिया गया था।
