धधक रहे अहिराडेरा के जंगल, जिम्मेदारान कुम्भकर्णी नींद में।

धधक रहे अहिराडेरा के जंगल, जिम्मेदारान कुम्भकर्णी नींद में।

टी.एल.भास्कर प्रदेश क्राइम ब्यूरो चीफ

सोनभद्र (डाला) चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम पंचायत के अहिराडेरा जंगल में भीषण आग की लपटें 72 घंटे से उपर हो गये, जिम्मेदारान कुम्भकर्णी नींद में।

जानकारी के अनुसार चोपन वन रेंज अंतर्गत हथवानी बीट में रानीताली, गौराही गांव के अहिराडेरा जंगल में 20 अप्रैल की शाम को आग की लपटों को देखा गया था, तब से लेकर आज तक भीषण आग की लपटे पूरे जंगल को आगोश में ले लिया है, 21 अप्रैल को रानीताली की तरफ आग की बढ़ाते लपटों को देखकर ग्रामीणों ने हाथीनाला थाने को सूचना देकर फायर ब्रिगेड से आग पर काबू पाया गया। वरना धनराज, बेचू सेठ, लिलेश आदि का घर जलकर राख हो गया होता। उत्तरी पश्चिमी अहिराडेरा, गौराही की तरफ आग की लपटे बढ़ने लगा जिस कारण वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है। आग तेजी से फैलने के कारण सैकड़ो पेड़- पौधे औषधीय, वनस्पतियां एवं पक्षियों के आवास जलकर राख हो गये है, आग की लपटों से पूरे क्षेत्र में अफरा- तफरी की माहौल बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में आग लगने की सूचना वन विभाग को समय रहते दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार वनरक्षक समय रहते हुए नहीं पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि वाचर राम लखन, रमेश कुमार उर्फ गुड्डू भी मौके पर मौजूद थे। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस कारण आग धीरे-धीरे विकराल रूप लेती गई।
ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते वन विभाग की टीम सक्रिय होती आग पर जल्द काबू पाया जा सकता था। और जंगल को होने वाले भारी नुकसान से बचाया जा सकता था। घटना के बाद से वन विभाग के कार्य शैली को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इस आगजनी की घटना से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंची है। कीमती पेड़ पौधों के साथ-साथ औषधीय वनस्पतियां और छोटे वन्य जीव भी आग की चपेट में आ गये, इसके अलावा इमारती लकड़ी और अन्य वन उपज को भी भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे वन विभाग को राजस्व हानि का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर लापरवाही बरतने वाले वनरक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही जंगल में लगी आग पर तत्काल काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड और वन विभाग की विशेष टीम भेजने की अपील की है। इस संबंध में बीट के वनरक्षक लल्लू सिंह राय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके मोबाइल से संपर्क नहीं हो सका।

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