सोनभद्र पुलिस के प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप मा0 न्यायालय सोनभद्र द्वारा 02 अभियुक्तों को आजीवन कारावास व एक अभियुक्त को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से किया गया दण्डित
सोनभद्र पुलिस के प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप मा0 न्यायालय सोनभद्र द्वारा 02 अभियुक्तों को आजीवन कारावास व एक अभियुक्त को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से किया गया दण्डित

श्रीमान् पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ महोदय व श्रीमान् अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी के निर्देशन, श्रीमान् पुलिस महानिरीक्षक, विन्ध्याचल परिक्षेत्र मिर्जापुर के कुशल पर्यवेक्षण व पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के नेतृत्व में जनपद सोनभद्र में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे ‘#Operation Conviction’ अभियान के क्रम में सोनभद्र पुलिस को एक अहम सफलता प्राप्त हुई है । प्रभावी पैरवी एवं सशक्त पुलिस-न्याय प्रणाली के समन्वय मा0 न्यायालय सोनभद्र द्वारा 02 अभियुक्तों के आजीवन कारावास व एक अभियुक्त को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया है, जिसका विवरण निम्नवत है।
प्रकरण का विवरण:
थाना: करमा, जनपद सोनभद्र
मु0अ0सं0:- 366/2014
धारा:- 376घ, 392, 504, 506 भादवि व 3(2)V SC/ST एक्ट
अभियुक्त:- 01. नन्दलाल पुत्र बचाऊ 02. कांग्रेस बियार पुत्र लालजी निवासीगण राजपुर थाना शाहगंज जनपद सोनभद्र, 03. विनय सिंह पुत्र लल्लन सिंह निवासी भतड़ा थाना जिगना जनपद मीरजापुर।
मा0 न्यायालय द्वारा पारित सजा का विवरण:-
धारा 376घ भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को बीस-बीस वर्ष के सश्रम कारावास व बीस-बीस हजार रुपये के अर्थदण्ड
धारा 392/34 भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदण्ड
धारा 504/34 भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को एक-एक वर्ष के कारावस व दो-दो हजार रुपये के अर्थदण्ड
धारा 506/34 भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को दो-दो वर्ष के कारावास व तीन-तीन हजार रुपये के अर्थदण्ड
धारा 3(2)V SC/ST एक्ट में अभियुक्त कांग्रेस बियार व विनय सिंह उपरोक्त को आजीवन कारावास व पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी व जेल में बितायी गयी अवधि सजा में समायोजित की जायेगी।
सजा दिलाने में सराहनीय भूमिका:-
इस केस में थाना करमा पुलिस, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन पक्ष एवं जनपद मॉनिटरिंग सेल की संगठित व सतत प्रयासों से न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिससे अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया ।
