पत्रकार विकास दुबे ने अधिवक्ता पर साजिशन फंसाने का लगाया आरोप
पत्रकार विकास दुबे ने अधिवक्ता पर साजिशन फंसाने का लगाया आरोप
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

संवाददाता राजू यादव
सिंगरौली/नवजीवन विहार, विंध्यनगर निवासी एवं पेशे से पत्रकार विकास दुबे ने जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अधिवक्ता प्रेम सागर शर्मा पर षडयंत्रपूर्वक झूठा प्रकरण दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पत्रकार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर अपना नाम
प्रकरण से पृथक करने की मांग की है। सोशल मीडिया पेज से किसी भी तरह का संबंध नहीं- आवेदन में कहा गया है कि जिस फेसबुक पेज प्रचंड प्रहार के माध्यम से आपतिजनक सामग्री प्रसारित होने की बात कही जा रही है. उससे उनका कोई प्रत्यक्ष या परीक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे न तो उक्त पेज के एडमिन हैं, न ही उसका संचालन करते हैं और न ही उनके किसी मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में संबंधित आईडी लॉगिन है।

रंजिश के चलते बदनाम करने का आरोप-पत्रकार का आरोप है कि कुछ
व्यक्तियों द्वारा व्यक्तिगत द्वेष और राजश आधार है कि उक फेसबुक पेज का संचालन केचे करते हैं, जबकि यह पूरी तरह निराधार है। इस संबंध में वे पूर्व में भी थाना विंध्यनगर में लिखित आवेदन देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। बिना तकनीकी साक्ष्य के
नाम जोड़ने का दावा
आवेदन में कहा गया है कि बिना किसी तकनीकी साक्ष्य, डिजिटल प्रमाण या ठोस समूत के केवल शिकायतकर्ता की आशंका और कथित षडयंत्र के
रोपियों में जागा जिससे उनको सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंच रहा है। गाली-गलौज के आरोपों से किया इंकार किया है
विकास दुबे ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने अधिवक्ता प्रेम सागर शर्मा को कभी किसी प्रकार की गाली-गलौज नहीं दी और न ही उनसे कभी मुलाकात हुई है। उनका कहना है कि मनगढ़ंत कहानी गढ़कर बिना साक्ष्य उनके विरुद्ध अपराध दर्ज कराया गया है।
उच्चस्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग
पत्रकार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, झूठे प्रकरण को निरस्त किया जाए तथा छूता मुकदमा दर्ज कराने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाता है और जांच के बाद सच्चाई किस रूप में सामने आती है।
