कॉल ट्रांसपोर्ट सुपरवाइजर की इलाज के दौरान मौत,जयंत प्रबंधन, हादसे के बाद आश्रित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहा
कॉल ट्रांसपोर्ट सुपरवाइजर की इलाज के दौरान मौत,जयंत प्रबंधन, हादसे के बाद आश्रित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहा

संवाददाता राजू यादव
सिंगरौली।एनसीएल की जयंत परियोजना में कोल परिवहन ड्यूटी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में हर्ष ट्रांसपोर्ट के सुपरवाइजर गंगा राम रजक की मृत्यु के बाद जिस तरह परियोजना महाप्रबंधक एवं यूनियन प्रतिनिधि पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े नजर आए, वह वास्तव में संवेदनशील प्रशासन और मानवीय जिम्मेदारी की मिसाल बन गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 जनवरी 2026 को दुर्घटना के तुरंत बाद बिना किसी देरी के घायल गंगा राम रजक को नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 30 जनवरी की रात्रि लगभग 11 बजे उनका निधन हो गया। इस पूरे समय जयंत परियोजना के महाप्रबंधक, अधिकारी एवं सभी यूनियन नेता लगातार अस्पताल में उपस्थित रहे और हर स्तर पर सहयोग करते नजर आए।
हादसे के बाद एनसीएल प्रबंधन एवं परियोजना प्रशासन ने न केवल त्वरित निर्णय लिए, बल्कि संवेदनशीलता के साथ मृतक के आश्रित परिवार को संबल देने का कार्य भी किया। मृतक की पत्नी को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता RTGS के माध्यम से प्रदान की जा रही है, साथ ही कर्मचारी प्रतिकार योजना के अंतर्गत नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया गया है। दाह संस्कार हेतु 1.25 लाख रुपये नगद दिए गए हैं तथा मृतक की पत्नी को हर्ष ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी देने का निर्णय भी लिया गया है। इसके अतिरिक्त कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज एवं अन्य सभी बकाया भुगतान भी नियम अनुसार दिलाए जाएंगे।
इस पूरे घटनाक्रम में एनसीएल जयंत परियोजना के, महाप्रबंधक, परियोजना अधिकारी एवं यूनियन प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि संकट की घड़ी में केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी जिम्मेदारी निभाई गई। क्षेत्र में प्रबंधन एवं यूनियन नेताओं की इस संवेदनशील पहल की व्यापक सराहना की जा रही है और लोग इसे एक आदर्श उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।
