सूरजपुर जिले के जगन्नाथपुर माइंस में कोयला की चोरी बिना वैध दस्तावेज के खदान के अंदर दो ट्रक मिलने से सनसनी फैली।
जिला -सुरजपुर
संवाददाता -गुरजीत सिहं
सूरजपुर जिले के जगन्नाथपुर माइंस में कोयला की चोरी बिना वैध दस्तावेज के खदान के अंदर दो ट्रक मिलने से सनसनी फैली।
जी हां बात करते हैं जगन्नाथपुर खदान में प्रबंधक के नाक के नीचे कोयला चोरी का एक से बढ़कर एक मामला सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है कोई गत दिवस कोयला चोरी मामले का जांच अभी पूर्ण हुआ ही नहीं की खदान के भीतर दो संदीग ट्रक मिलने से सनसनी फैल गया है बिना वैध दस्तावेज खदान के अंदर ट्रक कब तक कैसे पहुंचा प्रबंधक को नहीं पता ईमानदारी से जांच हो तो कोयला चोरी किया बड़ा खेल पर्दाफाश हो सकता है

मिली जानकारी के अनुसार 15 जनवरी को रात कोयला चोरी के मामले में एक ट्रक पकड़ में आया था आरोप है कि उसे दोनों दो ट्रक सीजी 10 ब 55 51 और सीजी 10 बीएस 51 53 बिना दस्तावेज के मुख्य द्वार में साठ-गांठ कोयला चोरी का नियत से प्रवेश कर गया लेकिन कोयला चोरी करते पकड़ा ट्रक पकड़ में आने पर इन दोनों ट्रक की चालक और क्लीनर खदान से ट्रक छोड़ भाग गए इसी बीच प्रबंधन की सूचना मिल की खदान के अंदर दो ट्रक संदीग परिस्थिति में में खड़ा है मामला प्रकाश में आने पर शकते आए प्रबंधन ने स्थानीय स्तर पर जांच पड़ताल किया और मामले को निपटने का प्रयास किया

लेकिन जब तक मामला बाहर तक चला गया आज प्रबंधन द्वारा मामले में पुलिस को आवेदन देने की बात कही जा रही है खान प्रबंधक जांच के दोनों दो दिन बाद भी यह नहीं बता पा रहा है कि बिना वैध दस्तावेज ट्रक कब और कैसे खदान में प्रवेश कर गया जिसमें प्रबंधन का जांच के रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है ऐसे में इनके जांच में मुख्य द्वार गड़बड़ी की कोई चोरी का पूरा गोरख धंधा कैसे उजागर हुआ कि गंभीर सवाल अब उठने लगा है उदय कुमार चौधरी मैनेजर माइंस माईनिंग ने कहा कि खदान के अंदर दो ट्रक खड़ा मिला है इसकी इसके चालक और क्लीनर मौके से नदारत हैं ट्रक कब और कैसे खदान में प्रवेश किया किया जांच की जा रही है मामले की जानकारी पुलिस को देने की तैयारी में है सूत्र बता रहे हैं करोड़ों की कोयला की हेराफेरी हो रही है।
वहीं सुरक्षा के दृष्टि में देखा जाए जिस खदान का मुख्य द्वार में सीसीटीवी, बूम, बैरियर, त्रिपुरा रायफल और खान प्रबंधन के सीधी निगरानी में हो वहां से कोयला चोरी होना बिना वैध दस्तावेज के खदान में ट्रक का प्रवेश कर जाना कहीं ना कहीं कोयला चोरी के बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा तो नहीं कर रहा है कोयला तस्करी का यह खेल कब से और किसके संरक्षण चल रहा है जांच के विषय है।
देखने वाली बात होगा कोयला चोरी का सरगना कहां तक जुड़ा है और इसमें महाप्रबंधक का क्या बयान आता है।
वहीं खड़गवां चौकी इस पूरे मामले में लीपा पोती करने की कोशिश की जा रही है।
मीडिया को भी वही एसईसीएल का अधिकारी ना पुलिस विभाग का कोई आधिकारिक तौर पर कोई बयान देने से बच रहे हैं।
