बीकेकेएमएस ककरी के हस्तक्षेप के बाद नेत्र विभाग में व्यवस्था सुधार की दिशा में बड़ा कदम

बीकेकेएमएस ककरी के हस्तक्षेप के बाद नेत्र विभाग में व्यवस्था सुधार की दिशा में बड़ा कदम

संवाददाता राजू यादव क्राइम न्यूज़ जिला सोनभद्र

नेहरू शताब्दी चिकित्सालय, जयंत के नेत्र विज्ञान विभाग में मोतियाबिंद ऑपरेशन से संबंधित लेंस उपलब्धता को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बाद एन.सी.एल. प्रबंधन द्वारा Office Order जारी किया जाना बीकेकेएमएस (बी.एम.एस.) संगठन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

बीकेकेएमएस संगठन के ककरी सचिव श्री पवन कुमार शर्मा द्वारा नेत्र विभाग में लेंस की अनुपलब्धता, रोगियों की परेशानियों और संभावित अनियमितताओं को लेकर एन.सी.एल. प्रबंधन को पत्र लिखकर हस्तक्षेप किया गया था। इसके पश्चात प्रबंधन द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि चिकित्सालय स्टोर में इंट्राऑक्युलर लेंस उपलब्ध नहीं हैं, तो Non-Availability (NA) की अनुमति दी जाएगी, जिससे CGHS दरों के अनुसार रोगियों को प्रतिपूर्ति की सुविधा मिल सके और उन्हें आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

संगठन का कहना है कि यह आदेश इस बात की स्वीकारोक्ति है कि लेंस की उपलब्धता को लेकर वास्तविक समस्याएँ मौजूद थीं और उन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता था। यह निर्णय सीधे तौर पर कर्मचारियों, उनके आश्रितों और आम नागरिकों के हित में है, जो लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे थे।

बीकेकेएमएस ककरी के सचिव ने कहा कि यह संगठनात्मक संघर्ष की जीत है, लेकिन इसे अंतिम समाधान नहीं माना जाना चाहिए। संगठन यह सुनिश्चित करने के लिए सतत निगरानी करेगा कि इस व्यवस्था का कोई दुरुपयोग न हो और भविष्य में चिकित्सालय में मानक गुणवत्ता के लेंस नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएँ।

संगठन ने प्रबंधन से अपेक्षा जताई है कि यह कदम आगे चलकर नेत्र विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और रोगी-हित को प्राथमिकता देने वाली स्थायी व्यवस्था की नींव बनेगा।

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