त्रिदिवसीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यशाला का कुशलतापूर्वक समापन, ए.आर.ओ. श्रीमती संध्या एल. पांडेय ने दी नववर्ष की शुभकामनाएँ
त्रिदिवसीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यशाला का कुशलतापूर्वक समापन, ए.आर.ओ. श्रीमती संध्या एल. पांडेय ने दी नववर्ष की शुभकामनाएँ

संवाददाता राजेश शर्मा
शक्तिनगर/सोनभद्र :-डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, खड़िया में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से डी.ए.वी. सी.ए.ई. के दिशा-निर्देशन में आयोजित त्रिदिवसीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यशाला का कुशलतापूर्वक समापन हुआ।
कार्यशाला का सफल संचालन डी.ए.वी. सी.ए.ई. की निदेशक (एकेडेमिक्स) श्रीमती निशा पेसिन एवं क्लस्टर हेड / ए.आर.ओ. श्रीमती संध्या एल. पांडेय के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में डी.ए.वी. रिहंद नगर, ऊंचाहार, टांडा, ओबरा, परासी एवं खड़िया से कुल 167 प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला के दौरान अंग्रेज़ी, हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं नैतिक शिक्षा विषयों के सभी वर्गों के शिक्षकों ने अपने-अपने मुख्य प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में शिक्षा में हो रहे नवाचारों पर चर्चा-परिचर्चा, गतिविधियों एवं व्यवहारिक अभ्यासों के माध्यम से नई-नई जानकारियाँ प्राप्त कीं, जो आधुनिक शिक्षण प्रक्रिया के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत सभी विषयों के प्रशिक्षकों द्वारा नवीनतम टी.एल.एम. (Teaching Learning Material) की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे सभी ने सराहा।
कार्यशाला के दौरान डी.ए.वी. रिहंद नगर, परासी, औरी मोड़ एवं ओबरा के प्राचार्यों ने निरीक्षण कार्य संपन्न किया तथा कार्यशाला की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु अपने प्रभावी एवं सार्थक सुझाव भी प्रदान किए।
समापन सत्र में क्लस्टर हेड / ए.आर.ओ. श्रीमती संध्या एल. पांडेय जी ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं आयोजकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शिक्षा में हो रहे नवाचारों से अवगत कराना है। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों को शिक्षक अपनी-अपनी कक्षाओं में विद्यार्थियों के साथ साझा करें और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों को आत्मसात करें।
समग्र रूप से यह त्रिदिवसीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यशाला अत्यंत सफल, उपयोगी एवं सराहनीय रही।
