रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा आज दूसरे और अंतिम दिन पर पहुंच गई

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा आज 05 दिसंबर 2025 यानी शुक्रवार को दूसरे और अंतिम दिन पर पहुंच गई है। बीते गुरुवार शाम पुतिन नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पहुंचकर उनका शानदार स्वागत किया।
दोनों नेता एक ही कार में साथ बैठे और मोदी आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) पहुंचे। प्रधानमंत्री ने इस बेहद ख़ास मुलाकात के लिए अपने ‘मित्र’ पुतिन के सम्मान में अनौपचारिक डिनर भी आयोजित किया।
आज यानी दूसरे दिन राष्ट्रपति पुतिन को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद वह राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन करेंगे। पुतिन करीब 11 बजे हैदराबाद हाउस पहुंचेंगे, जहां उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा।
रक्षा समझौतों पर रहेगी सबसे बड़ी नजर
भारत और रूस के बीच इस यात्रा में कई कूटनीतिक दस्तावेजों और समझौतों पर हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना है, लेकिन सबसे ज़्यादा ध्यान रक्षा क्षेत्र रहने वाला है। सूत्रों और रूसी अधिकारियों के हालिया बयानों के अनुसार, भारत S-400 मिसाइल सिस्टम के उन्नत संस्करण S-500 और SU-57 लड़ाकू विमानों पर चर्चा कर सकता है।
रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा “S-400 और SU-57 एजेंडे में हैं… हमारा रक्षा उद्योग पहले से अधिक मजबूत है और उत्पादन क्षमता भी बढ़ी है।”
इसके अलावा दोनों देशों के बीच ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ के नए और हल्के वर्जन पर भी औपचारिक रूप से डील संभव हो सकती है। यह नया ब्रह्मोस संस्करण मौजूदा मिसाइल क्षमताओं से ज़्यादा लंबी रेंज और आधुनिक प्रिसिजन तकनीक के साथ विकसित किया जाएगा।
ट्रेड और निवेश पर भी साझेदारी बढ़ने की पूरी उम्मीद
रूस और भारत के बीच बीते कुछ सालों में व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। रूसी अधिकारी और रणनीतिक वार्ताकारों के मुताबिक, दोनों देशों का *द्विपक्षीय व्यापार अब तकरीबन 63.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, और इसे साल 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। वही… ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, पर्यटन और तकनीक जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियां बनाने की संभावना है।
रूस के शीर्ष कूटनीतिक सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, शिखर सम्मेलन में:
– रणनीतिक व्यापार कार्यक्रमों पर साइन,
– ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग मॉडल,
– डिजिटल अर्थव्यवस्था और साइबर सहयोग पर समझौते हो सकते हैं।
BRICS और वैश्विक मंचों पर सहयोग होगा मजबूत
BRICS+ Analytics के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ यारोस्लाव लिसोवोलिक ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा “इस यात्रा से भारत और रूस के आर्थिक रिश्तों में नई ऊर्जा मिलेगी। हमारा व्यापार पिछले साल में तकरीबन 70 बिलियन डॉलर तक पहुंचा, जो पहले की तुलना में एक बड़ी छलांग है।” उन्होंने आगे कहा कि G20 और BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों की साझेदारी आगामी सालों में और मजबूत होगी।
मोदी-पुतिन दोस्ती अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बना रही नया समीकरण
पुतिन का भारत दौरा ऐसे वक़्त में हो रहा है जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है। रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव, और भारत की रणनीतिक स्वायत्ता वाली विदेश नीति ऐसे दौर में पुतिन की भारत यात्रा को और महत्वपूर्ण बना रहे हैं। भारत हमेशा रूस को रणनीतिक और ऐतिहासिक सहयोगी के रूप में देखता रहा है। चाहे वह रक्षा सौदे हों, ऊर्जा आयात या अंतरिक्ष मिशन, रूस और भारत के संबंध दशकों से मजबूत और भरोसेमंद रहे हैं।
बता दे, भारत और रूस के बीच यह उच्चस्तरीय बैठक केवल दो देशों की कूटनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में शक्ति संतुलन का बड़ा संकेत माना जा रहा है। आज होने वाले समझौते आगामु कुछ ही सालों में Indo-Russian संबंधों की दिशा तय करेंगे और यह यात्रा भारत की वैश्विक भूमिका के विस्तार का बड़ा संदेश दे रही है।
