ट्रेन से कटकर बाघ ‘T40 बिट्टू’ की मौत

बल्लारशाह-गोंदिया रेल मार्ग एक बार फिर वन्यजीवों के लिए ‘काल’ साबित हुआ है। चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी वन क्षेत्र में सिंदेवाही के पास तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से T40 बिट्टू नामक प्रसिद्ध बाघ की दर्दनाक मौत हो गई।

सोमवार सुबह घटना का पता चलते ही वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में गहरा शोक छा गया है।

ब्रह्मपुरी वन डिवीजन का गौरव था ‘T40 बिट्टू’

मृत बाघ ‘बिट्टू’ (T40) ब्रह्मपुरी वन डिवीजन का एक जाना-माना और चर्चित बाघ था। वह अपने प्रभावशाली आकार और विशिष्ट निशानों के कारण पूरे क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध था। सिंदेवाही तहसील के वन्यजीव परिदृश्य में उसका स्थान महत्वपूर्ण था और वह शोधकर्ताओं तथा वन्यजीव प्रेमियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय था।

‘बिट्टू’ ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के मशहूर बाघ ‘जय’ का पुत्र था। ‘जय’ के एक और बेटे ‘श्रीनिवास’ की भी कुछ साल पहले बिजली गिरने से मौत हो गई थी।

देश का सबसे घातक साबित हो रहा यह रेल मार्ग

यह रेल मार्ग अब वन्यजीवों के लिए ‘काल’ बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, यह देश का ‘बाघों का सबसे बड़ा हत्यारा’ मार्ग बन गया है। इस लाइन पर अब तक 18 बाघों के अलावा 26 जंगली भैसे, और अनगिनत हिरण, लकड़बग्घे और भालू मारे जा चुके हैं।भारत में किसी भी अन्य रेल मार्ग पर वन्यजीवों की इतनी बड़ी संख्या में मौत नहीं हुई है।

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